back to top
22.1 C
New Delhi
Wednesday, March 18, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

बांग्लादेश में फिर भड़की हिंसा, 4 लोगों की मौत; शेख हसीना के गढ़ में उपद्रव के बाद लगा कर्फ्यू

बांग्लादेश में नेशनल सिटिजन पार्टी की ओर से आयोजित रैली के दौरान बुधवार को भीषण हिंसा भड़क गई जिसमें 4 लोगों के मारे जाने की खबर है।

नई दिल्‍ली, रफ्तार डेस्‍क । एक बार फिर बांग्लादेश में हिंसा का दौर शुरु हेा गया है। नेशनल सिटिजन पार्टी की ओर से आयोजित रैली के दौरान बुधवार को भीषण हिंसा भड़क गई जिसमें 4 लोगों के मारे जाने की खबर है। जबकि 9 लोग घायल हैं। यह हिंसा पूर्व पीएम शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के कार्यकर्ताओं और नेशनल सिटिजन पार्टी के लोगों के बीच हुई।

गोपालगंज के घटनास्‍थल पर यूनुस सरकार ने टैंक सड़कों पर उतार दिये। फिलहाल इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है। पैरामिलिट्री के जवानों की जगह-जगह तैनाती की गई है। मोहम्मद यूनुस ने इस हिंसक झड़प के लिए आवामी लीग की निंदा की है और कहा है कि हिंसा करने वालों को इंसाफ के कठघरे में लाया जाएगा। 

बांग्लादेश के एक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, गोपालगंज में रैली के आयोजन का अवामी लीग के लोग विरोध कर रहे थे। उनकी ओर से रैली का रास्ता रोकने के लिए कई जगहों पर पेड़ों को काटकर डाल दिया गया था। इसके अलावा, हथियारों से लैस होकर रास्तों पर उन्हें घेरने का भी आरोप है।

साथ ही, यह भी आरोप है कि, उन लोगों ने सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया है। इसके बाद नेशनल सिटिजन पार्टी के रैली स्थल पर भी हमला होने का आरोप है। बता दें कि, बांग्लादेश में अवामी लीग की सभी राजनीतिक गतिविधियों पर रोक प्रतिबंध लगा दिया गया है।

4 लोगों के मारे जाने की खबर 

फिलहाल, इस हिंसा के बाद दक्षिणी जिले में सरकार ने कर्फ्यू लगा दिया है। ताकि, स्थिति को कंट्रोल किया जा सके। इसके अलावा, गोपालगंज जिले में स्कूली परीक्षाओं को भी स्‍थगित कर दिया गया है। गोपालगंज के सिविल सर्जन अबू सैयद मोहम्मद फारूक का कहना है कि इस हिंसा में 4 लोग मारे गए हैं, जबकि 9 लोग घायल हुए हैं। 

सुरक्षाबलों की फायरिंग में मारे गए लोग या फिर हिंसा के शिकार?

मिली जानकारी के मुताबिक, मारे गए लोगों पर सुरक्षाबलों की ओर से फायरिंग करने के बात सामने आई है। एक शख्‍स ने बताया कि, सुरक्षाबलों ने जब फायरिंग की तो दो लोगों को गोलियां लगीं और मैंने उन्हें जमीन पर नीचे गिरते हुए देखा। 

शेख हसीना की बढ़ स‍कती हैं मुश्किलें

ऐसे में माना जा रहा है कि इस हिंसा के बाद भारत में निर्वासित होकर रह रहीं शेख हसीना की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। उनकी पार्टी के लोगों पर सरकारी ऐक्शन तेज हो सकता है। पहले ही अवामी लीग की गतिविधियों पर रोक लगी हुई है। इसके अलावा, उसके कार्यकर्ता भी ज्यादातर शहरों में भूमिगत होकर जी रहे हैं।

Advertisementspot_img

Also Read:

मिडिल ईस्ट में टकराव की आहट, जानें इजरायल और ईरान की सैन्य ताकत का फर्क

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मध्य पूर्व एक बार फिर गंभीर तनाव के दौर में प्रवेश कर चुका है। Israel और United States द्वारा Iran के...
spot_img

Latest Stories

West Bengal Election 2026: क्या चौथी बार सत्ता में लौटेंगी ममता बनर्जी या BJP बदलेगी 15 साल का खेल?

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को...

Nora Fatehi के नए गाने पर मचा बवाल, अब सिंगर Armaan Malik ने भी किया रिएक्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। नोरा फतेही (Nora Fatehi) इस...

बिहार में राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद ‘INDIA’ में रार, तेजस्वी यादव पर भड़के पप्पू यादव

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। सोमवार 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव...