नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । अमेरिका की संसद में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बड़ी कामयाबी मिली है। उनका चर्चित और महत्वाकांक्षी ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’ गुरुवार देर रात हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पारित हो गया। यह विधेयक 218 वोटों के समर्थन और 214 विरोध के साथ पारित हो पाया। इस फैसले को ट्रंप प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। अब यह विधेयक सीनेट और प्रतिनिधि सभा से पारित होकर राष्ट्रपति ट्रंप के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा गया है। उम्मीद है कि वे जल्द ही इस पर साइन कर देंगे।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप शुक्रवार शाम 5 बजे इस कर राहत और सरकारी खर्चों में कटौती संबंधी कानून पर हस्ताक्षर करने वाले हैं। इसके लिए 4 जुलाई को एक विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस विधेयक में 800 से अधिक पेज हैं और इसे पारित कराने के लिए ट्रंप ने गहन रणनीति और अथक प्रयास किए हैं। इस कानून के लागू होने के बाद अमेरिका की आर्थिक और कर व्यवस्था में अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
क्या है बिग ब्यूटीफुल बिल?
सरल शब्दों में कहें तो यह नया कानून 2017 में लागू की गई टैक्स छूटों को स्थायी बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। यह विधेयक इसलिए खास है क्योंकि इसमें करीब 4.5 ट्रिलियन डॉलर की कर राहत का प्रावधान है। वरिष्ठ नागरिकों को इस बिल के तहत 6000 डॉलर तक की टैक्स छूट मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही चाइल्ड टैक्स क्रेडिट को बढ़ाकर 2200 डॉलर तक किया जा सकता है। एक और बड़ी बात यह है कि सीमा सुरक्षा के लिए लगभग 350 बिलियन डॉलर का बजट तय किया जा सकता है।
वन बिग ब्यूटीफुल बिल में क्या-क्या शामिल है?
इस विधेयक की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसमें मेडिकल और फूड असिस्टेंस कार्यक्रमों में कटौती का प्रावधान है। इसके अलावा, देश की ऋण सीमा (डेट सीलिंग) को बढ़ाकर 5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने की संभावना भी जताई जा रही है। राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, इस एक बिल के माध्यम से कर कटौती, सैन्य खर्च में इजाफा, और सीमा सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकता है।





