नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने की शुरुआत कर दी है। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की है। डोनाल्ड ट्रंप ने व्लादिमीर पुतिन से रूस-यूक्रेन युद्ध को आगे न बढ़ाने के लिए आग्रह किया है। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर बातचीत के दौरान पुतिन को यूरोप में पर्याप्त अमेरिकी सैन्य उपस्थिति की बात भी कही। इसके साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन में युद्ध को सुलझाने के लिए आगे की चर्चा को लेकर खुलकर बात की। डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन को इस मुद्दे पर रूस की राजधानी मॉस्को में भविष्य में बातचीत में शामिल होने की इच्छा भी जताई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन से फोन पर बातचीत की
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस को अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में हराया है। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने 7 नवंबर 2024 को फ्लोरिडा में अपने मार-ए-लागो एस्टेट से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की थी। डोनाल्ड ट्रंप और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई बातचीत की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल करने के लिए 7 नवंबर 2024 को बधाई दी थी। व्लादिमीर पुतिन ने काला सागर स्थित सोची रिसॉर्ट में अंतरराष्ट्रीय फोरम के सम्मेलन में दिए भाषण के बाद ट्रंप को यह बधाई दी थी।
हमारे और अमेरिका के बीच संबंध काफी खराब रहे हैं: पेसकोव
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दी गई बधाई से पहले, रूसी राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने अमेरिका को लेकर बयान दिया था। दिमित्री पेसकोव ने कहा था कि रूस अमेरिका को ऐसा देश मानता है जिसके साथ उसके मित्र वाले संबंध नहीं हैं। उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा था कि हमको ये नहीं भूलना चाहिए कि हम उस देश के बारे में बात कर रहे हैं जो हमारे देश के खिलाफ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध में शामिल है। दिमित्री पेसकोव ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा था कि हमारे और अमेरिका के बीच संबंध काफी खराब रहे हैं। अब इस स्थिति को सुधारने की जिम्मेदारी नए अमेरिकी नेतृत्व पर होगी।




