नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा पाकिस्तान पर 29% टैरिफ लगाने के फैसले से पाकिस्तान की सरकार के लिए ये एक चुनौतीपूर्ण हो गया है। हालांकि ट्रंप की इस सख्ती के बीच भी पाकिस्तान एक नई संभावना की तालाश में है। वहीं पाकिस्तान सरकार के मंत्री ने इस फैसले को एक चुनौती के बजाय एक अवसर के रूप में देखने की योजना बनाई है। हाल ही में वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने सरकार की तरफ से अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होने अपने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान अमेरिकी व्यापार नीति में हो रहे बदलाव को एक अवसर के रूप में इस्तेमाल करेगा। उन्होने कहा हमको कभी भी अच्छे संकट का फायदा उठाने का मौका नहीं छोड़ना चाहिए। हम इसे एक चुनौती और अवसर दोनों के रूप में देख रहे हैं।”
पाकिस्तान की ये है खास योजना
अमेरिकी प्रशासन को ट्रैरिफ मामले में चुनौती का समाधान निकालने के लिए पाकिस्तान एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल (Delegation) को वाशिंगटन भेजने की तैयार कर रहा है। सरकार के मौजूदा वित्त मंत्री औरंगजेब ने इस संबंध में अपना एक बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री से मंजूरी मिलने के बाद, यह प्रतिनिधिमंडल अमेरिका में पाकिस्तान का पक्ष रखने और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की कोशिश करेगा।
दोनों देशों के बीच आर्थिक सुधारों पर ध्यान
वित्त मंत्री ने का कहना है कि पाकिस्तान सरकार विभिन्न आर्थिक सुधारों पर भी लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कर-राजस्व वृद्धि का हवाला देते हुए बताया कि अगले महीने तक पाकिस्तान का कर-राजस्व 10.6 प्रतिशत तक पहुंचने के आसार है। इसके साथ ही, उन्होंने मुद्रास्फीति में आई कमी और ब्याज दरों में संभावित कटौती की भी बात की, जिससे पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति में बेहतर सुधार के प्रयास किए जाएंगे।
ऊर्जा क्षेत्र में सुधार और कर्ज प्रबंधन
वित्त मंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में भी मौजूदा कंडीशन को बेहतर करने की बात कहीं। जहां उन्होंने उद्योगों के लिए बिजली दरों में एक-तिहाई की कमी का ऐलान किया। और कर्ज प्रबंधन के मामले में भी सरकार ने कर्ज की समयावधि बढ़ा दी है, जिससे सरकार को कर्ज पर ब्याज का भार कम करने में मदद मिल सकती है।
क्या सच में टैरिफ का फायदा मिलेगा ?
पाकिस्तान सरकार के वित्त मंत्री औरंगजेब भले ही ट्रंप के टैरिफ में मौका तलाशने की बात कह रहे है लेकिन पाकिस्तान सरकार की इस ट्रेड वॉर से चिंता और बढ़ गई है। साफ तौर पर कहा जा सकता है डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के ऐलान के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस मामले पर तुरंत कार्रवाई करते हुए दो कमेटियां गठित कर दी हैं। एक कमेटी वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब के नेतृत्व में बनाई गई है। इसमें अर्थशास्त्री और उद्योग जगत से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है।




