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Thursday, March 19, 2026
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क्या होता है Baby Feet जिसका अनुभव धरती पर लौटने के बाद Sunita Williams और Butch Wilmor करेंगे

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर जल्‍द जल्द ही पृथ्वी पर लौटने वाले हैं। दोनों को अंतरिक्ष में 9 महीने बीत चुके हैं। इतने लंबे समय बाद पृथ्वी लौटने पर दोनों के सामने कई चुनौतियां आएंगी।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । नासा की भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर शीघ्र ही अंतरिक्ष स्टेशन से वापस पृथ्वी पर आने वाले हैं। इन दोनों को अंतरिक्ष में रहते हुए 9 महीने हो चुके हैं। दोनों ने जून में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उड़ान भरी थी। हालांकि बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट में तकनीकी खराबी की वजह से उनका मिशन लंबा हो गया। अब जब उनकी धरती पर वापसी हो रही है, ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरिक्ष से इतने लंबे समय बाद पृथ्वी पर आकर यहां के गुरुत्वाकर्षण के साथ तालमेल बिठाना आसान नहीं होता है।

Baby Feet का करेंगे अनुभव

अंतरिक्ष पर गुरुत्वाकर्षण बल नहीं है। इसी वजह से स्पेस स्टेशन की तस्वीरों और वीडियोज़ में एस्ट्रोनॉट्स उड़ते हुए नज़र आते हैं। ये देखने में जितना फैंसी लगता है, असल में उतना ही चैलेंजिंग है। स्पेस में जाने से पहले एस्ट्रोनॉट्स की जीरो-ग्रैविटी ट्रेनिंग होती है, ताकि वो बिना गुरुत्वाकर्षण के रहने की प्रैक्टिस कर सकें। सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर नौ महीने से स्पेस में ही हैं, ऐसे में उनका शरीर ज़ीरो ग्रैविटी को पूरी तरह से एडैप्ट कर चुका है। जब वो धरती पर वापस आएंगे तो उन्हें धरती के गुरुत्वाकर्षण के हिसाब से ढलने में समय लगेगा।

जिस तरह बच्चे शुरुआत में चल नहीं पाते और धीरे-धीरे चलना सीखते हैं, वैसा ही विलियम्स और विल्मोर के साथ होगा। उन्हें चलने में समस्या आएगी। जीरो ग्रैविटी में शरीर का भार पता नहीं चलता, लेकिन धरती पर आते ही जब वो चलना शुरू करेंगे तो उनके शरीर का पूरा भार उनके पैरों पर आ जाएगा। इससे उनके पैरों में दबाव और तनाव महसूस होगा। इसी कंडीशन को बेबी फीट कहते हैं।

अंतरिक्ष यात्रियों को धरती पर लौटने के बाद ज्यादा भार महसूस होगा। ये एन्वायरमेंट उनके शरीर के लिए नया होगा, उन्हें वापस धरती के हिसाब से एडजस्ट होने में हफ्तों-महीनों का टाइम लग सकता है।

नासा ने क्या कहा ?

13 मार्च को तकनीकी परेशानियों के बाद क्रू10 का लॉन्च टाल दिया गया था। इसके बाद 14 मार्च को रॉकेट दोबारा लॉन्च किया गया। रॉकेट में चार अंतरिक्ष यात्री स्पेस गए हैं। नासा ने लॉन्च का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ‘स्पेस में आपका समय अच्छा गुज़रे।’

[EMBED]

क्रू-10 के ISS पर पहुंचने के बाद हैंडओवर प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसमें लगभग एक सप्ताह का समय लगने की उम्मीद है। इसके बाद विलियम्स और विल्मोर क्रू ड्रैगन फ्रीडम स्पेसक्राफ्ट पर सवार होंगे और धरती पर लौटने के लिए रवाना होंगे। माना जा रहा है कि दोनों 19 मार्च को धरती पर लौट आएंगे।

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