नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । अमेरिका में रह रहे लाखों भारतीयों के लिए यह खबर चिंताजनक हो सकती है। अमेरिकी संसद में पेश किए गए एक नए बिल के तहत, अब वहां से भारत पैसे भेजने पर 5 प्रतिशत का अतिरिक्त टैक्स लग सकता है। यह प्रस्तावित टैक्स न सिर्फ H-1B वीजाधारकों पर लागू होगा, बल्कि ग्रीन कार्डधारकों और अन्य विदेशी नागरिकों पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा, जो अमेरिका में रहकर अपने मूल घर पर पैसे भेजते हैं।
भारतीय NRI हो सकते हैं प्रभावित
‘द वन बिग ब्यूटिफुल बिल’ शीर्षक वाले इस विधेयक को हाल ही में यूएस हाउस वेज एंड मीन्स कमेटी की ओर से पेश किया गया है। कुल 389 पन्नों के इस विस्तृत दस्तावेज के 327वें पेज पर यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रांसफर, यानी विदेश से किसी अन्य देश में पैसे भेजने पर 5 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा। हालांकि बिल में टैक्स लगाने की बात तो की गई है, लेकिन इसमें न्यूनतम राशि की कोई सीमा तय नहीं की गई है। यानी, चाहे छोटी रकम भेजी जाए या बड़ी, यह टैक्स हर ट्रांजैक्शन पर लागू हो सकता है।
अब अमेरिका से भारत पैसा भेजना पड़ेगा महंगा, देना होगा टैक्स
नए प्रस्तावित कानून के मुताबिक, अब अगर कोई व्यक्ति अमेरिकी नागरिक नहीं है या उसे अमेरिकी नागरिकता प्राप्त नहीं हुई है, तो उसे अमेरिका से पैसे ट्रांसफर करने पर टैक्स देना होगा, चाहे वह रकम कम ही क्यों न हो। यह 5 प्रतिशत टैक्स वहीं पर काट लिया जाएगा, जहां से पैसा ट्रांसफर किया जाएगा, यानी अमेरिका में ही। गौरतलब है कि अमेरिका में भारतीयों की आबादी काफी बड़ी है और वे विश्वभर में सबसे अधिक घर पैसे भेजने वाले समुदायों में शामिल हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा मार्च 2024 में जारी एक सर्वे के अनुसार, वर्ष 2023-24 के दौरान अमेरिका में रहने वाले भारतीयों ने भारत में अपने परिवारों और रिश्तेदारों को लगभग 32 अरब डॉलर भेजे थे।
अमेरिका में रह रहे हैं करीब 45 लाख भारतीय
भारतीय विदेश मंत्रालय के एक अनुमान के अनुसार, वर्तमान में लगभग 45 लाख भारतीय अमेरिका में निवास कर रहे हैं। इनमें से करीब 32 लाख लोग भारतीय मूल के हैं, जो या तो स्थायी रूप से अमेरिका में बसे हुए हैं या वहां लंबे समय से काम कर रहे हैं।





