नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए अमेरिका को करारा झटका दिया और यूएस के साथ हुए प्लूटोनियम समझौते को रद्द कर दिया। यह समझौता दोनों देशों के बीच था, जिसके तहत वे नए परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे, लेकिन पुतिन ने अब इसे तोड़ दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से रूस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए हुए थे और उन्होंने भारत को भी रूस के साथ ट्रेड डील रद्द करने की सलाह दी थी, लेकिन भारत ने ऐसा नहीं किया।
दरअसल, अमेरिका और रूस के संबंध बीते कई महीनों से तनावपूर्ण हैं। कहा जा रहा है कि इसी को लेकर पुतिन ने ट्रंप के खिलाफ यह कदम उठाया है। रूस की संसद ने इसी महीने की शुरुआत में इस कानून को मंजूरी दी थी। इस बीच, रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध लगातार जारी है और अमेरिका समेत कई अन्य देश यूक्रेन का समर्थन कर रहे हैं। पुतिन ने अपनी सेना और परमाणु बलों को अलर्ट पर रख दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और तनाव की चिंता बढ़ गई है।
रूस-अमेरिका के बीच 2000 का हुआ था ये अहम समझौता
सितंबर 2000 में रूस और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ था, जिसके तहत दोनों देशों ने 34 टन हथियारों में इस्तेमाल होने वाले प्लूटोनियम को नष्ट करने का निर्णय लिया था। हालांकि, अक्टूबर 2016 में मॉस्को ने इसे रद्द कर दिया था। अमेरिका ने इसे अपने खिलाफ एक दुश्मनी से भरी कार्रवाई माना है।
रूस ने परमाणु-संचालित मिसाइल का किया था सफल परीक्षण
पुतिन ने अमेरिका के साथ चल रहे प्लूटोनियम समझौते को ऐसे समय में रद्द किया है, जब रूस ने हाल ही में परमाणु-संचालित बुरेवस्तनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया। यह मिसाइल अत्यंत घातक और हाई-टेक मानी जा रही है और इसे रूस की सैन्य ताकत का नया प्रदर्शन माना जा रहा है। इस कदम के चलते अमेरिका के साथ समझौते को रद्द करना और भी गंभीर मुद्दा बन गया है, क्योंकि यह वैश्विक सुरक्षा और परमाणु हथियार नियंत्रण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मिसाइल परीक्षण और समझौते के रद्द होने से रूस-अमेरिका संबंधों में तनाव और बढ़ सकता है।





