बीजिंग, 1 सितम्बर (आईएएनएस)। हर साल 3 सितंबर को चीनी जनता के जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध की जीत का स्मृति दिवस है। एक महान राष्ट्र और एक महान देश इतिहास के पुनरावलोकन में बार-बार आगे बढ़ने की शक्ति को सदैव ग्रहण करता है। 2 सितंबर 1945 को मित्र देशों की सेना के सामने जापान के आत्मसमर्पण का समारोह टोक्यो खाड़ी में यूएसएस मिसौरी जहाज पर आयोजित किया गया था। चीन सहित जापानी आत्मसमर्पण स्वीकार करने वाले नौ देशों के प्रतिनिधियों की चौकस निगाहों में जापान ने आत्मसमर्पण पत्र पर हस्ताक्षर किए। यह आधुनिक समय में चीन के आक्रमण-विरोधी इतिहास में पहली व्यापक जीत है, और इसने विश्व के फासीवाद-विरोधी युद्ध की जीत में भी महान योगदान दिया है। इस वर्ष चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना की 100वीं वर्षगांठ है। पिछले सौ सालों की यात्रा में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने चीनी लोगों को एकजुट और नेतृत्व करते हुए चीनी राष्ट्र के महान पुनरुत्थान को बखूबी अंजाम देने के लिए अथक प्रयास किए और नई लोकतांत्रिक क्रांति की महान उपलब्धि प्राप्त की। 1949 में नए चीन की स्थापना के बाद से, खास कर 1978 में सुधार और खुलेपन की नीति लागू किये जाने के बाद से लेकर अब तक, चीन शांति और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने में प्रतिबद्ध है। पूर्ण गरीबी वाली समस्या का व्यापक समाधान, खुशहाल समाज का सर्वांगीण तौर पर निर्माण पूरा होना, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, विश्व का सबसे बड़ा व्यापारिक देश, संसार का सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार देश.. चीन ने महान उपलब्धियां हासिल की हैं जिन्होंने दुनिया भर का ध्यान आकर्षित किया है। अब, विश्व शांति बनाए रखने, समान विकास को बढ़ावा देने, और निष्पक्ष व उचित नई अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए चीन सक्रिय रूप से अपना योगदान दे रहा है। वर्तमान में इतिहास में किसी भी समय की तुलना में चीनी लोग राष्ट्रीय कायाकल्प के महान सपने के करीब हैं। इस समय, इतिहास को याद रखना और भी आवश्यक है। चीनी लोगों को कठिन और घुमावदार रास्तों को नहीं भूलना चाहिए, और न ही अनगिनत वीरों और पूर्वजों के योगदान व बलिदान को भूलना चाहिए। 3 सितंबर का यह दिन सुनहरे शरद ऋतु में विजेता का दिवस है। पीछे देखते हुए सौ सालों में जापानी आक्रमण के खिलाफ आठ वर्षों के कठिन समय और मुसीबत अवधि को याद कर, इतिहास को आईना के रूप में लेते हुए हम भविष्य का निर्माण कर सकेंगे। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय में कई अस्थिर तत्व मौजूद हैं। अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी देश भिन्न-भिन्न कारणों की तलाश कर चीन के विकास, उत्थान और जज्बे को दबाना चाहते हैं। फिलहाल, शांति और विकास आज भी दुनिया की मुख्य धारा है। जब हम देखते हैं कि कुछ देशों में लोग कोरोनावायरस निमोनिया के कारण बीमारियों से पीड़ित हैं, जब हम देखते हैं कि अफगानिस्तान में लोग बेघर होकर युद्धों से पीड़ित हैं, जब हम देखते हैं कि अति अविकसित देशों में लोग गरीबी की वजह से भूख से ग्रस्त हैं, तो हम एक स्थिर और समृद्ध देश में रहने के लिए भाग्यशाली लगते हैं और मातृभूमि की शांति को और भी अधिक संजोते हैं। क्योंकि केवल शांतिपूर्ण वातावरण में ही हम अधिक से अधिक विकास की तलाश कर सकते हैं और अपने देश को ज्यादा समृद्ध तथा शक्तिशाली बना सकते हैं। चीनी जनता के जापानी आक्रमण-विरोधी युद्ध की जीत और विश्व फासीवाद-विरोधी युद्ध में विजय की खुशियां मनाने के दिन में हमें कामना हैं कि दुनिया शांतिपूर्ण हो और मानव जाति विकसित हो। ( लेखक:थांग युआनक्वेइ, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग ) –आईएएनएस एएनएम




