back to top
29.1 C
New Delhi
Monday, March 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

बांग्लादेश की नई सरकार में धार्मिक विविधता: एक हिंदू और एक बौद्ध मंत्री को मिली जगह

तारिक रहमान सरकार में हिंदू नेता निताई रॉय और बौद्ध नेता दीपेन दीवान की एंट्री, अल्पसंख्यकों में विश्वास बहाली और समावेशी लोकतंत्र की ओर एक बड़ा कदम है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बांग्लादेश में तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है। उनके साथ कई मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की। खास बात यह है कि उनके मंत्रिमंडल में धर्म और समुदाय का संतुलन रखा गया है-हिंदू नेता निताई रॉय चौधरी और बौद्ध नेता दीपेन दीवान चकमा को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। यह कदम धार्मिक विविधता और समावेशिता की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

निताई रॉय चौधरी और दीपेन दीवान चकमा कौन हैं?

निताई रॉय चौधरी बीएनपी की नीति-निर्माण संबंधी शीर्ष स्थायी समिति के सदस्य हैं। वे पार्टी के प्रमुख उपाध्यक्षों में से एक हैं और शीर्ष नेतृत्व के लिए वरिष्ठ सलाहकार व रणनीतिकार भी हैं। पश्चिमी मगुरा चुनाव क्षेत्र से बीएनपी के टिकट पर उन्होंने जीत हासिल की और जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार को हराया। जनवरी 1949 में जीते निताई रॉय चौधरी बांग्लादेश के प्रतिष्ठित वकील भी हैं और पहले सांसद रह चुके हैं।

वहीं, बौद्ध नेता दीपेन दीवान चकमा जातीय अल्पसंख्यक समूह से हैं। उन्होंने दक्षिण-पूर्वी रंगमती पहाड़ी जिले के निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की और अपने समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हुए मंत्री पद की शपथ ली।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक नेताओं की बड़ी जीत

बांग्लादेश में हाल में हुए संसदीय चुनाव में अल्पसंख्यक समुदायों के चार समुदायों ने जीत हासिल की। ​​इनमें दो हिंदू और दो बौद्ध नेता शामिल हैं। जीतने वाले सभी उम्मीदवार बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के थे।

विजयी हिंदू नेताओं में निताई रॉय चौधरी और गायेश्वर चंद्र रॉय शामिल हैं, जबकि बौद्ध नेताओं में दीपेन दीवान चकमा और सचिन प्रू हैं। इनमें से एक हिंदू और एक बौद्ध नेता को नए मंत्रिमंडल में भी जगह मिली है, जिससे अल्पसंख्यक समुदायों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हुआ है।

तारिक रहमान के हाथ होगी बांग्लादेश की कमान

बांग्लादेश के आम चुनावों में अपनी पार्टी को शानदार जीत दिलाने के कुछ ही दिनों बाद, तारिक रहमान ने मंगलवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने लंबे समय से चली आ रही परंपरा से हटकर 60 वर्षीय तारिक रहमान को बंगभवन के बजाय जातीय संसद के साउथ प्लाजा में पद की शपथ दिलाई। इससे पहले दिन में, तारिक रहमान को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के सहयोगियों ने संसदीय दल के नेता के रूप में चुना था।

Advertisementspot_img

Also Read:

बांग्लादेश में सियासी सत्ता परिवर्तन: तारिक रहमान की ऐतिहासिक ताजपोशी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान आज...
spot_img

Latest Stories

Amitabh Bachchan ने सोशल मीडिया पर किया ऐसा ट्वीट, फैंस में मचा तहलका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल...

बंगाल से राज्यसभा की दौड़ में नई एंट्री, ममता बनर्जी ने किया नॉमिनेट, आखिर कौन हैं कोयल मल्लिक?

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की...

The Kerala Story 2 Day 1 Collection: कंट्रोवर्सी के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत ओपनिंग

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोर्ट केस और सियासी विवादों के...

तेहरान समेत ईरान के कई इलाकों में विस्फोट, इजरायल की बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अंतरराष्ट्रीय माहौल आज 28 फरवरी 2026...