नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । पाकिस्तान के मुरीदके में सुरक्षा बलों और सरकार ने तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इलाके को रणक्षेत्र में तब्दील कर दिया गया है। खबरों के अनुसार, TLP चीफ साद रिजवी को गोली लगी है और उनकी सर्जरी की तैयारी चल रही है।
मुरीदके में TLP समर्थक हंगामा, हिंसा और आगजनी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार साद रिजवी और अन्स रिजवी इलाके में छिपे हुए हैं। TLP की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, संगठन का मुख्य उद्देश्य “निज़ाम-ए-मुस्तफा” यानी इस्लामी शासन लागू करना है।
पाकिस्तान के एक अखबार के अनुसार, पाकिस्तान रेंजर्स और पांच जिलों की पुलिस की बड़ी टुकड़ियों समेत अन्य एजेंसियां रविवार तड़के मुरीदके भेजी गई हैं। सुरक्षा बलों ने TLP के कैंप को घेर लिया है। माना जा रहा है कि सरकार तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान के खिलाफ बड़े स्तर पर ऑपरेशन करने की तैयारी में है।
पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने TLP के सदस्यों को शहर की ओर बढ़ने से रोक दिया है। अधिकारियों ने इस्लामाबाद की ओर उनके मार्च को रोकने के लिए खाइयां खोदी और रास्ते सील कर दिए।
मामले में पीएम और गृह मंत्री की बैठक
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने रविवार को देश की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। लाहौर के 85 पुलिस थानों में से प्रत्येक के 10 अधिकारियों को अपने-अपने एसएचओ के नेतृत्व में मुरीदके भेजने का आदेश दिया गया है।
लाहौर के DIG ऑपरेशन फैसल कामरान और कई एसपी पुलिस बल की निगरानी के लिए मुरीदके पहुंचे। शेखपुरा, गुजरांवाला, सियालकोट और गुजरात पुलिस ने भी समान कदम उठाए। लाहौर पुलिस के अतिरिक्त जवान रविवार को मुरीदके में तैनात कर दिए गए हैं।
TLP ने क्यों खोला है मोर्चा
पाकिस्तान में TLP का प्रदर्शन 10 अक्टूबर से जारी है। यह मार्च मुख्य रूप से फीलिस्तीन और गाजा के समर्थन में है। TLP ने अमेरिकी दूतावास के बाहर विरोध जुलूस का ऐलान किया था, जिसे पुलिस ने रोक दिया। संगठन ने इसे “लब्बैक/अक्शा मिलियन मार्च” कहा, जो इजरायल-हमास युद्ध में कथित हत्याकांडों के खिलाफ है।
प्रदर्शन के दौरान हिंसा का क्या है मुख्य कारण
पंजाब पुलिस ने 8 अक्टूबर को लाहौर में TLP मुख्यालय पर छापा मारा और साद रिजवी को गिरफ्तार करने का प्रयास किया। इसके बाद 9-10 अक्टूबर को झड़पें हुईं, जिसमें TLP कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पेट्रोल बम और पथराव किया। 13 अक्टूबर को मुरीदके में हिंसा भड़की, जिसमें एक SHO, 48 पुलिसकर्मी और 4 नागरिक मारे गए। TLP पाकिस्तान पुलिस को “इजरायली गुंडे” कह रही है।
कौन है साद हुसैन रिजवी
बता दें कि, साद हुसैन रिजवी पाकिस्तान के कट्टरपंथी इस्लामी नेता हैं और TLP के संस्थापक खादिम हुसैन रिजवी का बेटा है। खादिम हुसैन रिजवी का 2020 में निधन हो गया था, और साद ने 2021 से संगठन की कमान संभाली। वह लाहौर से जुलूस का नेतृत्व कर रहा था। सूत्रों के अनुसार, साद रिजवी को गोली लग गई है।





