नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। इस्लाम में शादी को लेकर कानून काफी सख्त हैं। मौजूदा समय में जहां एक तरफ LGBTQIA+ जैसा समुदाय है जिसका मुस्लिम समुदाय काफी हद का विरोध करता है और अप्राकृतिक बताता है, तो बताते चले कि LGBTQIA+ में ‘T’ ट्रांस्जेंडर यानी किन्नर के लिए प्रयोग होता है। पाकिस्तान में जारी किए गए एक फतवे के अनुसार किन्नर शादी कर सकते हैं। इस फतवे को पाकिस्तान के लाहौर के 50 मुफ्तियों द्वारा जारी किया गया है।
क्या कहता है फतवा?
27 जून, 2016 को पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ ने अपनी वेबसाइट पर फतवे को लेकर जानकारी दी। इस जानकारी में उन्होंने बताया कि तनज़ीम-एत्तेहादी-उम्मत के फतवे के अनुसार अगर किसी किन्नर में मर्द होने के बायोलॉजिकल निशान मौजूद हैं, तो वह किसी महिला या किसी ऐसे किन्नर से शादी कर सकता है जिसमें महिला होने की बायोलॉजिकल निशानियां वाज़े तौर पर मौजूद हों। यहीं शर्त उन किन्नरों पर लागू है जिनमें महिला होने की बायोलॉजिकल निशानियां मौजूद हैं, वह भी किसी मर्द या ऐसे किन्नर से शादी कर सकती है जिसमें मर्द होने के निशान वाज़े तौर पर मौजूद हों। फतवे में बताया गया कि किन्नरों के पिता की संपत्ति में हिस्सा मिलने में दिक्कत का सामना कर पड़ रहा था। फतवे में कहा गया कि किन्नरों को संपत्ति के हक़ से दूर रखना ‘खुदा की सज़ा’ को न्यौता देने के बराबर है।
क्या सभी किन्नर कर सकेंगे शादी?
इस सवाल पर फतवा सीधे तौर पर कहता है कि अगर किसी किन्नर में मर्द और औरत दोनों की ही निशानियां वाज़े तौर पर मौजूद है, तो वह शादी नहीं कर सकता है।
किन्नरों की मौत के बाद के रिती रिवाज
फतवे के अनुसार किसी भी किन्नर की मौत के बाद उसके अंतिम रिती रिवाज उसी प्रकार होंगे जैसे एक आम मुसलमान मर्द या औरत के होते हैं।
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