नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । चीन में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग की करीबी मुलाकात ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चौंका दिया। सम्मेलन के तुरंत बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अपने टैरिफ निर्णय का बचाव करते हुए बयान जारी किया, जिससे वैश्विक राजनीतिक माहौल में नई हलचल पैदा हो गई।
डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार, 2 सितंबर को व्हाइट हाउस में कहा कि भारत ने अमेरिकी सामानों पर दुनिया में सबसे अधिक टैरिफ लगाए हैं, जबकि अमेरिका का बाजार भारतीय उत्पादों के लिए पूरी तरह खुला है।
उन्होंने हार्ले डेविडसन का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में मोटरसाइकिल पर 200% तक टैरिफ लगाया गया था, जिसके कारण कंपनी अपने उत्पाद सही तरीके से भारतीय बाजार में बेचने में असफल रही।
नतीजतन, हार्ले डेविडसन को भारत में ही प्लांट लगाना पड़ा ताकि ऊँचे टैरिफ से बचा जा सके। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच रिश्ते अच्छे हैं, लेकिन पिछले कई वर्षों में यह संबंध एकतरफा रहा, जिससे व्यापारिक असंतुलन बना हुआ है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि भारत अमेरिका से सबसे ज्यादा टैरिफ वसूल रहा था, जबकि अमेरिका भारतीय सामानों पर कोई टैरिफ नहीं लगा रहा था। इसी वजह से अमेरिका भारत के साथ व्यापार सीमित रख रहा था, जबकि भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार जारी रखा।
डोनाल्ड ट्रंप ने इसे भूल बताया और कहा कि, हम उनसे टैरिफ नहीं वसूल रहे थे। भारत अपने उत्पाद अमेरिका में भेज रहा था। वे कई तरह के प्रोडक्ट अमेरिका भेजते थे, लेकिन हम कुछ भी भारत नहीं भेजते थे, क्योंकि वह हमसे 100 फीसदी टैरिफ वसूलते थे।
दुनिया के तीन बड़े नेता एक साथ
SCO शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत शी जिनपिंग तीनों बड़े नेताओं ने भाग लिया था, अमेरिका की तरफ से टैरिफ लगाए जाने के बाद ये पहली बार था, जब दुनिया के तीन बड़े देश के नेता एक छत के नीचे नजर आए।
दोनों देशों के बीच अब तक कोई समाधान नहीं
इसके बाद जिस तरीके से डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ का बचाव करते हुए भारत के खिलाफ बयान दिया, इस बयान से उनकी बौखलाहट साफ झलकती नजर आई। हालांकि, भारत ने साफ तौर पर से बता दिया है कि वह अमेरिका के सामने किसी भी कीमत पर झुकने वाला नहीं है। इस दौरान दोनों देशों के बीच ट्रेड को लेकर तनाव जारी है, जिसमें अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है।
अमेरिकी कोर्ट ने टैरिफ को अवैध करार दिया
हाल ही में एक अमेरिकी अदालत ने डोनाल्ड ट्रंप की और से लगाए गए ज्यादातर टैरिफ को अवैध करार दिया। कोर्ट ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) राष्ट्रपति को टैरिफ या कर लगाने का अधिकार नहीं देता। 7-4 के बहुमत से दिए गए फैसले ने ट्रंप की व्यापार नीति के अहम हिस्से को चुनौती दी है।
भारत पर अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ
ट्रंप प्रशासन ने भारतीय सामानों पर 25% पारस्परिक टैरिफ और रूस से जुड़े तेल आयात पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाकर कुल टैरिफ 50% तक बढ़ा दिया। इसके बावजूद, अमेरिका और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत जारी है, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में नया मोड़ देखने को मिल सकता है।
रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने पर जोर- पीयूष गोयल
वही, मुंबई में वैश्विक निवेशक सम्मेलन 2025 में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापारिक बातचीत कुछ भू-राजनीतिक कारणों से धीमी हो गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने अपनी “लक्ष्मण रेखा” खींच दी है। और रूस के साथ व्यापार में रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने पर जोर दिया।





