back to top
35.1 C
New Delhi
Sunday, March 29, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद पहली बार PM मोदी और मोहम्मद यूनुस की 40 मिनट तक चली मुलाकात, जानिए क्या हुई बात

बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बीच बैंकॉक में अहम मुलाकात हुई।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बीच बैंकॉक में अहम मुलाकात हुई। यह मुलाकात बांग्लादेश में तख्तापलट और शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद दोनों देशों के बीच हुई पहली हाई-लेवल बैठक थी।

तख्तापलट के बाद पहली आधिकारिक बातचीत

प्रधानमंत्री मोदी और मोहम्मद यूनुस के बीच यह मुलाकात 4 अप्रैल को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में हुई। शेख हसीना के अगस्त 2024 में भारत आने के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में खटास आ गई थी। ऐसे में यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। बताया गया कि बांग्लादेश ने इस मुलाकात के लिए बिम्सटेक सम्मेलन के दौरान भारत से अनुरोध किया था। शुरुआत में भारत तैयार नहीं था, लेकिन आखिरकार आखिरी समय में बैठक को हरी झंडी दी गई।

मुलाकात में दिखी दूरी

इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का रवैया आम दिनों की तुलना में कुछ अलग नजर आया। आमतौर पर विदेशी नेताओं से मिलने पर मोदी गले मिलते हैं और निजी बातचीत करते हैं, लेकिन यूनुस के साथ ऐसा नहीं हुआ। माना जा रहा है कि भारत, बांग्लादेश की हालिया नीतियों और रुख से नाराज है। बातचीत में उठे ये अहम मुद्दे करीब 40 मिनट चली इस बातचीत में कई मुद्दों पर चर्चा हुई शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर ढाका का औपचारिक अनुरोध बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले चीन और पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश के बढ़ते रिश्ते बंगाल की खाड़ी में रणनीतिक गतिविधियाँ बीते हफ्ते यूनुस ने चीन में भारत के खिलाफ बयान देते हुए खुद को “बंगाल की खाड़ी का गार्जियन” बताया और चीन को भारत के नॉर्थ ईस्ट के करीब निवेश के लिए आमंत्रित किया। इसके जवाब में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दो टूक कहा कि बंगाल की खाड़ी में सबसे बड़ी तटीय सीमा भारत की ही है।

भारत की सतर्कता और भविष्य की रणनीति

भारत, बांग्लादेश में बदलते राजनीतिक समीकरणों और चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर सतर्क है। यूनुस की अगुवाई में ढाका की नीतियाँ भारत के लिए चुनौती बन सकती हैं। ऐसे में यह बैठक भविष्य की रणनीति के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। हालांकि मुलाकात औपचारिक रही, लेकिन इसके कई रणनीतिक मायने हैं। दोनों देशों के रिश्ते एक नाजुक मोड़ पर हैं और आगे की राह दोनों देशों की कूटनीतिक चतुराई पर निर्भर करेगी।

Advertisementspot_img

Also Read:

सपा ने नोएडा को लूट का ATM बनाया: जेवर एयरपोर्ट उद्घाटन पर PM मोदी का बड़ा हमला, बोले- मुझे भी डराने की कोशिश की...

ई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी पर...
spot_img

Latest Stories

FIR दर्ज नहीं कर रही पुलिस? जानिए आपके पास मौजूद कानूनी विकल्प और अधिकार

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अगर कोई व्यक्ति अपराध का शिकार...

Delhi Vehicle Market: 10 हजार में बाइक और 50 हजार में कार, लेकिन खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। राजधानी दिल्ली में ऐसे कई ऑटो...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵