नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इन दिनों अमेरिका ने अवैध अप्रवासियों के डिपोर्टेशन का मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। बुधवार 6 फरवरी को अमेरिका से भारत लौटे अप्रवासियों के मुद्दे पर देश की संसद में खूब हंगामा हुआ। विपक्ष ने आरोप लगाया कि अमेरिका में भारतीयों का अपमान हुआ और केंद्र सरकार चुपचाप देखती रही। विपक्ष के तमाम सांसदों ने संसद परिसर में इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। विदेश मंत्री ने भी इस मु्द्दे से जुड़ी जानकारी राज्यसभा में दी। शुक्रवार को विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने भी कहा कि भारतीयों के साथ हुए अभद्र व्यवहार पर अमेरिका अधिकारियों से बात करेंगे।
विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने क्या कहा?
विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने कहा कि “यह उठाने के लिए एक वैध मुद्दा है और हम अमेरिकी अधिकारियों पर जोर देते रहेंगे कि निर्वासितों के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए। हम दुर्व्यवहार के किसी भी मामले को उठाते रहेंगे जो हमारे ध्यान में आएगा। अवैध आव्रजन को बढ़ावा देने वाले अंतर्निहित पारिस्थितिकी तंत्र के खिलाफ पूरे सिस्टम में कार्रवाई की जानी चाहिए।” इसके अलावा उन्होंने इस बात की जानकारी भी दी कि अमेरिका से आए भारतीय के साथ अभद्र व्यवहार पर अमेरिकी अधिकारियों से बात करेंगे। इसके बाद कहा कि अमेरिका ने 487 संभावित भारतीय नागरिकों की सूची दी है जिन्हें अमेरिका से डिपोर्ट किया जाएगा। हालांकि इसमें से 104 लोगों का एक जत्था भारत वापस आ चुका है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद में दी जानकारी
गुरुवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जानकारी दी कि हम इस बात से अवगत हैं कि अमेरिका से 104 भारतीय नागरिक वापस आए हैं। किसी भी देश के लिए यह सामान्य प्रक्रिया है कि जो देश में अवैध रूप से रह रहे हों उन्हें डिपोर्ट किया जाए। जयशंकर ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि उनसे पूछताछ करें कि वह किस एजेंट के जरिए और कैसे अमेरिका गए थे।




