नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मालदीव ने भारतीय सैनिकों को भारत वापस तो जरूर भिजवा दिया था। लेकिन अब उनके रक्षा मंत्री घासन मौमून का बयान स्थानीय मीडिया में प्रकाशित हुआ है। जिसमे मौमून का कहना है कि मालदीव के सैनिक भारतीय सैनिकों से विमान चलाने की ट्रेनिंग ले रहे थे, जो भारतीय सैनिको के वापस चले जाने के कारण अधूरी रह गयी। उनका कहना है कि मालदीव की सेना में एक भी सैनिक ऐसा नहीं है जो भारत की तरफ से मालदीव को दिए गए एक डोर्नियर विमान और दो हेलिकॉप्टरों को चला सके। मौमून ने एक प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी कि मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (MNDF) के पास यह भारतीय डोर्नियर विमान और दो हेलिकॉप्टरों को चलाने में निपुण सैनिक नहीं है।
भारतीय डोर्नियर विमान और हेलिकॉप्टरों को चलाने में सक्षम पायलट नहीं हैं
मालदीव के रक्षा मंत्री घासन मौमून के अनुसार उनके सैनिकों को भारतीय सैनिकों से कई चरणों की ट्रेनिंग पूरी करनी थी। लेकिन भारतीय सैनिको के वापस चले जाने के कारण मालदीव के सैनिकों की कई चरण की ट्रेनिंग अधूरी रह गई। इसलिए अब उनकी सेना में कोई भी ऐसा सैनिक नहीं है जो भारतीय डोर्नियर विमान और दो हेलिकॉप्टरों को चलाने में सक्षम हो।
अब बात आती है मालदीव के मौजूदा राष्ट्रपति मुइज्जू की, जब वे विपक्ष में थे तब उनकी पार्टी ने पिछली सरकार की इसको लेकर बड़ी आलोचना की थी और कहा था कि मालदीव की सेना में सक्षम पायलट हैं, लेकिन सरकार ने फिर भी भारतीय सेना को विमान उड़ाने के लिए रखा हुआ है। अब मुइज्जू की सरकार के मंत्री ही उनकी सेना में भारत की तरफ से दिए गए डोर्नियर विमान और दो हेलिकॉप्टरों को चलाने में सक्षम पायलट नहीं हैं करके बयान जारी कर रहे हैं।
विदेश मंत्री मूसा जमीर का बयान
मालदीव के रक्षामंत्री ने मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर के बयान के अगले दिन यह सब बाते कही थी। बता दें कि मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर ने कहा था कि मालदीव से 76 भारतीय सैनिकों की वापसी के बाद उनके स्थान पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की टेक्निकल एक्सपर्ट की टीम को लगाया गया है।
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