नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में 9 जगहों पर आतंकी कैंपों को नष्ट कर दिया। बताया गया कि इस ऑपरेशन में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गये। इसी बीच एक और बड़ी खबर सामने आई है। लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर रजाउल्लाह निजामनी खालिद उर्फ अबू सैफुल्लाह का सफाया कर दिया गया है।
बताया गया है कि इस सर्वाधिक वांछित आतंकवादी पर पाकिस्तान के सिंध प्रांत में कुछ अज्ञात हमलावरों ने हमला कर उसकी हत्या कर दी। अबू सैफुल्लाह भारत में तीन बड़े आतंकवादी हमलों का मास्टरमाइंड था। लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर अबू सैफुल्लाह पर रविवार दोपहर पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक क्रॉसिंग के पास अज्ञात हमलावरों ने हमला किया और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
तीन हमलों का मास्टरमाइंड था अबू सैफुल्लाह
अबू सैफुल्लाह भारत में कई आतंकवादी हमलों में शामिल था। वह तीन हमलों का मास्टरमाइंड था, जिसमें 2001 में रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर हमला, 2005 में बैंगलोर में भारतीय विज्ञान कांग्रेस पर हमला और 2006 में नागपुर में आरएसएस मुख्यालय पर हमला शामिल है। अबू सैफुल्लाह ने इन तीन हमलों में अहम भूमिका थी।
बता दें कि भारतीय सशस्त्र बलों ने भी ऑपरेशन सिंदूर में यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदस्सिर अहमद जैसे शीर्ष आतंकवादियों सहित 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया था। वहीं, कुछ ही दिनों के भीतर अब लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर अबू सैफुल्लाह की अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी।
पाकिस्तान सरकार ने दी थी सुरक्षा
खालिद ने विनोद कुमार, मोहम्मद सलीम और रजाउल्लाह जैसे अलग-अलग उपनाम रख लिए थे। उन्हें पाकिस्तान सरकार द्वारा सुरक्षा प्रदान की गई थी। खालिद को रविवार दोपहर सिंध के मतली स्थित अपने घर से निकलते समय बंदूकधारियों ने गोली मार दी। अबू सैफुल्लाह लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करता था। वह लश्कर-ए-तैयबा के अबू अनस का करीबी सहयोगी था। यह भी जानकारी सामने आई है कि वह पिछले कुछ दिनों से नेपाल में सक्रिय है। यह भी बताया गया है कि अबू सैफुल्लाह कई आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा था। यह भी कहा जाता है कि अबू सैफुल्लाह ने नेपाल से भारत पर कई आतंकवादी हमले किए।




