नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जेडीयू सांसद संजय झा के नेतृत्व में एक सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल जापान के तीन दिवसीय दौरे पर है। इस दौरे का मकसद है– पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को वैश्विक मंच पर मजबूती से रखना और दुनिया को इसके खतरों से आगाह करना।
‘आज भारत है, कल आप हो सकते हैं’ – संजय झा की कड़ी चेतावनी
टोक्यो में बोलते हुए सांसद संजय झा ने कहा,“हम दुनिया को बताने आए हैं कि आज भारत आतंकवाद का शिकार है, लेकिन कल को आप भी हो सकते हैं। इसलिए इस लड़ाई में तटस्थ न रहें। उन्होंने 2008 के मुंबई हमलों का ज़िक्र किया जिसमें दो जापानी नागरिकों की मौत हुई थी और कहा कि भारत इस लड़ाई में अकेला नहीं रह सकता – पूरी दुनिया को साथ आना होगा।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत का बड़ा कूटनीतिक कदम
भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने के लिए सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल बनाए हैं। टोक्यो गया प्रतिनिधिमंडल उन्हीं में से एक है। वहां सांसदों ने प्रमुख थिंक टैंक और जापान के विदेश मंत्री ताकेशी इवाया से मुलाकात की।
जापान में भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को समर्थन
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पाकिस्तान कैसे आतंकियों को फंड करता है, उन्हें ट्रेनिंग देता है और सीमा पार भेजता है। जापानी नेताओं और थिंक टैंकों ने भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की सराहना की और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग की बात कही।
बीजेपी सांसद हेमांग जोशी ने क्या कहा?
प्रतिनिधिमंडल में शामिल बीजेपी सांसद डॉ. हेमांग जोशी ने कहा, “हम एक मिशन पर हैं – दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट करना और पाकिस्तान की भूमिका को बेनकाब करना। उन्होंने दौरे के पहले दिन को काफी सफल और सकारात्मक बताया। भारत अब सिर्फ अपनी सीमाओं पर नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठा रहा है। जापान में हुए इस संवाद ने यह साफ कर दिया कि भारत अब ‘रक्षात्मक’ नहीं, बल्कि ‘आक्रामक कूटनीति’ के रास्ते पर है – ताकि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन और सहयोग मिल सके।




