यरुशलम, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। इजरायल के विदेश मंत्री यायर लैपिड ने कहा कि उनका देश यथास्थिति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके मुताबिक यहूदी पूर्वी यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद परिसर में प्रार्थना नहीं कर सकते। ये मस्जिद हालिया झड़पों का केंद्र बिंदु रहा है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, लैपिड ने एक प्रेस वार्ता के दौरान उस स्थल के इजरायली नाम का इस्तेमाल करते हुए कहा, जो मुसलमानों और यहूदियों दोनों के लिए पवित्र है कि इजरायल टेंपल माउंट पर यथास्थिति के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, मुसलमान टेंपल माउंट पर प्रार्थना करते हैं और गैर-मुसलमान लोग वहां आते हैं। इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। टेंपल माउंट को धर्मों के बीच विभाजित करने की हमारी कोई योजना नहीं है। लैपिड ने हमास, फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह, जो गाजा पट्टी पर शासन करता है पर युवा फिलिस्तीनियों को इजरायली पुलिस पर पत्थर और पटाखे फेंकने के लिए प्रोत्साहित करके संघर्ष को भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, उन्होंने उकसाने, मस्जिद में घुसने और उन्हें हटाने के लिए इजरायली पुलिस को मजबूर करने के लिए ऐसा किया है। 15 अप्रैल से इजरायली पुलिस के साथ संघर्ष में कम से कम 200 फिलिस्तीनी घायल हो गए हैं। फिलिस्तीनियों ने इजरायल पर हजारों यहूदियों को अल-अक्सा मस्जिद परिसर में जाने की अनुमति देकर संघर्ष को बढ़ाने का आरोप लगाया, जिसे यहूदी अपने बाइबिल-युग के मंदिर की साइट के रूप में मानते हैं, जिसे 70 ईस्वी में छुट्टी के अवसर पर नष्ट कर दिया गया था। –आईएएनएस एसएस/एसकेपी




