नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में भारतीय नौ सेना के पूर्व अधिकारी Kulbhushan Jadhav को ईरान से अगवा करवाने में ISI की मदद करने वाले आरोपी की गोली मारकर हत्या कर दी है। ये हमला उस वक्त हुआ, जब शाह मीर, तुर्बत की एक स्थानीय मस्जिद से नमाज अदा करके बाहर निकल रहा था। पाकिस्तान के आईएसआई नेताओं में से एक मुफ्ती शाह मीर की अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम का सदस्य था।
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में कुछ अज्ञात हमलावरों ने पाकिस्तान आईएसआई नेता मुफ्ती शाह मीर की गोली मारकर हत्या कर दी। जहां से शाह मीर को स्थानीय अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भारतीय नौ सेना के पूर्व अधिकारी व व्यवयासी कुलभूषण जाधव को ईरान से अगवा करवाने में आईएसआई की मदद की थी। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, वह इस्लामी संगठन (जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम) का सदस्य था। इससे पहले भी उस पर दो बार जानलेवा हमला किया जा चुका था। आईएसआई नेता शाह मीर पर मानव और हथियारों की तस्करी के कई मामले दर्ज थे। लेकिन, पाकिस्तानी अखबार शाह मीर को बलूचिस्तान का उलेमा बताती है।
भारत के विरुद्ध षडयंत्र रचने में भी शामिल था।
बलूचिस्तान में धार्मिक चरमपंथ फैलानेवाले शाह मीर को पाकिस्तान के नेशनल असेंबली के मेंबर और सीनियर नेता मौलाना फजलुर्रहमान का करीबी भी माना जाता था। वही कई रिर्पोटों में दावा किया जाता है। शाह मीर पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट के तौर पर काम करता था। व भारत के विरुद्ध षडयंत्र रचने में भी शामिल था।
कुलभूषण जाधव को अगवा करवाने में अहम भूमिका
भारतीय नौ सेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव जो सेवानिवृत्ति लेने के बाद ईरान के चाबहार में व्यवसाय कर रहे थे।उन्हें साल 2016 में ईरान से किडनैप कर लिया गया था। इस घटना को ईरानी के नेतृत्व वाले समूह जैश अल-अदल ने अंजाम दिया था। जिसमें इस साजिश को रचने मुख्य भूमिका मुफ्ती शाह मीर ने निभाई थी। कुलभूषण जाधव को मुल्ला उमर ने शाह मीर समेत कई मध्यस्थों के जरिए पाकिस्तानी सेना को सौंप दिया था। वहीं ISI के गुर्गों में पिछले कुछ समय से चल रहे आंतरिक संघर्ष में ईरानी व उसके बेटों को भी मार दिया गया था। इन सब में कुलभूषण जाधव जिन्हें धोखें से अगवा किया गया था, वे अभी फिलहाल पाकिस्तान के जेल में बंद है।





