संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार, 4 फ़रवरी, को ‘अन्तरराष्ट्रीय मानव बन्धुत्व दिवस’ के अवसर पर नफ़रत भरे सन्देशों व भाषणों, असहिष्णुता, भेदभाव व शारीरिक हिंसा के बढ़ते मामलों पर एक चेतावनी जारी की है. यूएन प्रमुख ने सदस्य देशों, धार्मिक गुरुओं, नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक वर्चुअल चर्चा के दौरान सचेत किया कि कुछ समुदायों पर, उनके धर्म या आस्था, जातीयता, लिंग या यौन रुझान के कारण नफ़रत भरे हमले किये जा रहे हैं. The International Day of Human Fraternity is a chance to reflect on the importance of cultural and religious understanding, and mutual respect. Together, in solidarity, we can create a more inclusive, peaceful and just world for all. pic.twitter.com/Yt3TfLyoRW — António Guterres (@antonioguterres) February 4, 2022 यह कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र सभ्यताओं के गठबंधन और संयुक्त राष्ट्र में मिस्र व संयुक्त अरब अमीरात के स्थाई मिशनों के बीच साझीदारी से शुक्रवार को आयोजित किया गया. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसम्बर 2020 में धार्मिक व सांस्कृतिक सहिष्णुता को बढ़ावा देने के इरादे से एक प्रस्ताव पारित किया था. इसके फलस्वरूप, हर वर्ष 4 फ़रवरी को अन्तरराष्ट्रीय मानव बन्धुत्व दिवस का आयोजन किया जाएगा. संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने दूसरे अन्तरराष्ट्रीय दिवस पर ध्यान दिलाया कि यह अवसर सांस्कृतिक व धार्मिक समझ और पारस्परिक सम्मान की अहमियत को परिलक्षित करता है. “मैं दुनिया भर में धार्मिक नेताओं का आभारी हूँ, जिन्होंने सम्वाद व अन्तर-आस्था समरसता को बढ़ावा देने के लिये हाथ मिलाया है.” संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इस कार्यक्रम के दौरान ‘विश्व शान्ति एवं एक साथ रहने के लिये मानव बन्धुत्व घोषणापत्र’ को रेखांकित किया. कैथलिक चर्च के आध्यात्मिक गुरू पोप फ़्राँसिस, अल अज़हर मस्जिद के शाही इमाम और मिस्र के इस्लामी विद्वान शेख़ अहमद अल-तैयब ने इसे करुणा और मानव एकजुटता का एक उदाहरण क़रार दिया है. “हमें इस भावना की पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है.” एकजुटता की अपील महासचिव ने आगाह किया कि गहराती निर्धनता और चौड़ी होती विषमता की खाई से लेकर, हिंसक टकराव, दरार और भरोसे की कमी तक, मानव परिवार के समक्ष अनेक चुनौतियाँ मौजूद हैं. “इनका सामना करने के लिये, हमें भिन्नताओं का दोहन करने वालों, नफ़रत बढ़ाने वालों, और बेचैन दिलों में ‘दूसरे’ के प्रति भय पैदा करने वालों को चुनौती देने की ज़रूरत है.” यूएन प्रमुख का मानना है कि ये जघन्य कृत्य मानवाधिकारों का हनन हैं और संयुक्त राष्ट्र के मूल्यों पर चोट पहुँचाते हैं. महासचिव गुटेरेश ने अपने सम्बोधन के समापन में हर प्रकार की कट्टरता का मज़बूती से सामना किये जाने की एक अपील जारी की. “आइए, हम अपनी विविधता को एक ऐसी सम्पदा के रूप में पहचानें, जोकि हम सभी को मज़बूत बनाती है.” “आइए, हम आस्थाओं के बीच, साझा मानवता से प्रेरित होते हुए पुलों का निर्माण करें.” यूएन प्रमुख ने सर्वजन के लिये एक बेहतर, शान्तिपूर्ण, समावेशी और न्यायोचित विश्व के निर्माण के लिये एकजुटता का आहवान किया है. –संयुक्त राष्ट्र समाचार/UN News




