जकार्ता, 19 फरवरी (आईएएनएस)। जी20 देश के वित्त मंत्रियों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि के प्रभावों को कम करने के लिए मौद्रिक नीति में बदलाव करने पर सहमति व्यक्त की है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, जकार्ता में जी20 वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक गवर्नर्स (एफएमसीबीजी) की बैठक के दूसरे दिन शुक्रवार शाम को आम सहमति बनी, जिसमें इंडोनेशिया मेजबान देश के रूप में कार्य कर रहा है। बैंक इंडोनेशिया के गवर्नर पेरी वारजियो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विकसित देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सामान्यीकरण नीति ने केवल वैश्विक वित्तीय बाजार पर न्यूनतम प्रभाव डाला, जिससे विकासशील देशों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। वारजियो ने कहा, यह एक महत्वपूर्ण काम है, ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था विकास की ओर लौट सके और कोविड-19 महामारी के कारण होने वाले समस्या को तेजी से ठीक किया जा सके। फेडरल रिजर्व ने हाल ही में कहा था कि केंद्रीय बैंक इस साल चार या पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ब्याज दरों को बढ़ाएगा, जो कि ऋण की स्थिति या अन्य देशों की वित्तीय स्थिरता को प्रभावित करने से बचा सके क्योंकि विशेष रूप से यह एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है। अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता को कम करने के प्रयास के रूप में, सीमा पार व्यापार और निवेश में स्थानीय मुद्रा निपटान के उपयोग को बढ़ावा देने सहित, इंडोनेशिया का केंद्रीय बैंक भी मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए आगे बढ़ा है। वारजियो ने कहा कि एफएमसीबीजी बैठक में वैश्विक वित्तीय क्षेत्र से संबंधित विषयों के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। –आईएएनएस एचएमए/एएनएम




