ओटावा, 29 मई (हि.स.)। कनाडा में बंद हो चुके एक बोर्डिंग स्कूल के मैदान से 215 आदिवासी बच्चों के अवशेष (सामूहिक कब्र) मिले हैं। ये छात्र कामलूप्स इंडियन रेजीडेंशियल स्कूल के थे। प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ट्वीट कर कहा कि यह घटना हमारे देश के इतिहास की एक शर्मनाक घटना की याद दिलाती है, जो हृदय विदारक है। उन्होंने कहा कि मैं सभी प्रभावित लोगों के बारे में सोच रहा हूं और उन सबके लिए यहां हूं। इन मौतों के कारण का पता लगाने के लिए म्यूजियम विशेषज्ञों और कोरोनर कार्यालय के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहें हैं। ब्रिटिश कोलंबिया शहर कामलूप्स की रोसेन कैसिमिर ने बताया कि प्राथमिक जांच में एक अकल्पनीय क्षति के बारे में पता लगा है और स्कूल के प्रशासन के पास यह दर्ज नहीं है। दरअसल ये सभी बच्चे 1978 में बंद हो चुके कामलूप्स इंडियन रेज़िडेंशियल स्कूल के छात्र थे। कनाडा की आवासीय स्कूल व्यवस्था में बच्चों को उनके परिवारों से जबरन अलग कर दिया जाता था। उल्लेखनीय है कि ईसाई गिरिजाघरों और कनाडा की सरकार द्वारा संचालित किया जाने वाले कनाडा आवासीय स्कूल सबसे बड़े बोर्डिंग स्कूलों में से एक था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक यहां आदिवासी बच्चों को सभ्य बनाने के नाम पर ईसाइयत का पाठ पढ़ाया जाता था और उनकी भाषा व संस्कृति को नष्ट किया जाता था। हिन्दुस्थान समाचार/सुप्रभा सक्सेना




