back to top
23.1 C
New Delhi
Wednesday, March 18, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

76वाँ सत्र: सऊदी अरब के लिये शान्ति है ‘शीर्ष प्राथमिकता’

सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ अल-सऊद ने यूएन महासभा के 76वें सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा है कि अन्तरराष्ट्रीय रिश्तों में उनकी प्राथमिकता, शान्ति को बढ़ावा देना है. शाह सलमान ने पहले से रिकॉर्ड किये गए अपने सन्देश में स्पष्ट किया कि सऊदी अरब की विदेश नीति में शान्ति, सुरक्षा व स्थिरता और सम्वाद व शान्तिपूर्ण समाधानों को समर्थन देने पर ज़ोर दिया गया है. उन्होंने बताया कि सऊदी अरब, विकास के लिये अनुकूल परिस्थतियों का निर्माण करने का इच्छुक है, और उन हालात के लिये भी, जिनसे मध्य पूर्व में लोगों के बेहतर भविष्य की आकाँक्षाओं को पूरा किया जा सके. किंग सलमान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के दौरान उच्चस्तरीय सप्ताह के दूसरे दिन देशों के प्रतिनिधियों को सम्बोधित किया. वैश्विक महामारी कोविड-19 की चुनौती के मद्देनज़र, यूएन महासभा में जनरल डिबेट, मिले-जुले रूप (हाइब्रिड फ़ॉर्मेट) में आयोजित की जा रही है. कुछ देशों के नेता उच्चस्तरीय सत्र में वर्चुअल रूप से शिरकत कर रहे हैं, जबकि अन्य विश्व नेता न्यूयॉर्क में यूएन मुख्यालय आकर, ऐतिहासिक महासभागार से विश्व समुदाय को सम्बोधित कर रहे हैं. शीर्ष दानदाता देश शाह सलमान ने वादा किया है कि आर्थिक मुश्किलों के बावजूद, सऊदी अरब एक शीर्ष अन्तरराष्ट्रीय दानदाता देश के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेगा. उन्होंने बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के विरुद्ध लड़ाई में 80 करोड़ डॉलर की धनराशि से निर्धन देशों को सहायता प्रदान की जा रही है. शाह सलमान के मुताबिक़ आर्थिक दिक्कतों के बावजूद, सऊदी अरब “दुनिया के सबसे ज़रूरतमन्द देशों के लिये विकास और मानवीय राहत सहायता पहुँचाने और प्राकृतिक आपदाओं व संकटों से निपटने में मदद के लिये प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि सऊदी अरब, अरब जगत का शीर्षस्थ दानदाता देश है, जबकि दुनिया में उसका तीसरा स्थान है. शान्ति व सुरक्षा शाह सलमान ने आश्वस्त किया कि इराक़ से सीरिया और लीबिया तक, उनका देश समस्याओं के शान्तिपूर्ण निपटारे की दिशा में कार्य करेगा. उन्होंने ईरान में हालात को रेखांकित करते हुए कहा कि वह ईरान द्वारा परमाणु हथियारों को हासिल करने के लिये किये जा रहे प्रयासों की रोकथाम के समर्थक हैं. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सऊदी अरब, मध्य पूर्व को सामूहिक तबाही के हथियारों से मुक्त रखने की अहमियत पर बल देता है. “इस आधार पर, हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के अन्तरराष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन करते हैं.” विश्व नेता, वर्ष 2015 में हुए परमाणु समझौते को फिर से बहाल करने के लिये, ईरान के साथ वार्ता के लिये तैयारी कर रहे हैं. शाह सलमान ने उम्मीद जताई है कि शुरुआती बातचीत से ठोस नतीजे निकलेंगे जिससे भरोसे क़ायम होगा. उन्होंने क्षेत्र में चरमपंथ के ख़तरे का उल्लेख करते हुए कहा कि सऊदी अरब ने नफ़रत पर खड़े किये गए चरमपंथ से अपनी लड़ाई जारी रखी है. साथ ही आतंकी संगठनों और उन सम्प्रदायवादी गुटों पर क़ाबू पाने का प्रयास किया जा रहा है, जो कि मानवता और राष्ट्रों को तबाह करते हैं. यमन में हालात उन्होंने यमन में हिंसक टकराव का ज़िक्र करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने शान्तिपूर्ण निपटारे के लिये जिन पहलों को पेश किया है, हूती लड़ाके उन्हें ख़ारिज करते रहे हैं. “यमन में शान्ति पहल को किंगडम ने पिछले मार्च में पेश किया था, जिसकी मंशा रक्तपात व हिंसक संघर्ष का अन्त करना है.” उन्होंने कहा कि इससे यमनी जनता की पीड़ा का अन्त करने में मदद मिलनी चाहिए. मगर, उनके मुताबिक़ आतंकी हूती लड़ाके शान्तिपूर्ण समाधानों को दरकिनार कर रहे हैं और यमन में ज़्यादा बड़े क्षेत्र को क़ब्ज़े में लेने के लिये सैन्य विकल्प का दाँव आज़मा रहे हैं. –संयुक्त राष्ट्र समाचार/UN News

Advertisementspot_img

Also Read:

spot_img

Latest Stories

West Bengal Election 2026: क्या चौथी बार सत्ता में लौटेंगी ममता बनर्जी या BJP बदलेगी 15 साल का खेल?

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को...

Nora Fatehi के नए गाने पर मचा बवाल, अब सिंगर Armaan Malik ने भी किया रिएक्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। नोरा फतेही (Nora Fatehi) इस...

बिहार में राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद ‘INDIA’ में रार, तेजस्वी यादव पर भड़के पप्पू यादव

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। सोमवार 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव...