डॉ. भागवत ने कहा कि सत्य हमारे व्यवहार से झलकना चाहिए और अशोकराव जी ने अपने व्यवहार में सत्य को उतारा है।भारत का बड़ा होना विश्व की आवश्यकता है और उसके लिए अशोकजी प्रेरणादायी जीवन का अनुकरण करना होगा।