नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर से नेशनल कांग्रेस की सरकार बन गई है। पार्टी के उम्मीदवार उमर अबदुल्लाह ने बडगाम और गांदरबल सीट से चुनाव लड़ा था। वो राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। इससे पहले उन्होंने चुनाव में जीत की उम्मीद जताते हुए कहा था कि “मैं अपने सभी सहयोगियों को आज के दिन के लिए शुभकामनाएं देता हूं। हमने अच्छी लड़ाई लड़ी है और अब, नतीजे भी उसी के अनुरूप होंगे।”
पार्टी के अध्यक्ष फारुक अबदुल्लाह ने कहा कि लोगों ने अपना फैसला सुना दिया है। लोगों ने दिखाया है कि जो 5 अगस्त को किया गया वो लोगों को मंजूर नहीं था। हमें बेकारी को दूर करना है।उन्होंने कहा कि मैं सबका शुक्रगुजार हूं और उमर अबदुल्लाह अगले मुख्यमंत्री बेनेंगे।
तीन चरणों में हुआ था मतदान
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए तीन चरण में मतदान हुआ था। पहले चरण का मतदान 18 सितंबर, दूसरे चरण का 25 सितंबर और तीसरे चरण का मतदान एक अक्टूबर को हुआ था।
यह लड़ाई थोड़ी मुश्किल है
उमर की पूरी कोशिश थी कि बडगाम में पार्टी का दबदबा बरकरार रहे और यह सच हआ भी। हालांकि उनकी लड़ाई थोड़ी मुश्किल थी क्योंकि लोग इस इलाके में विकास कार्य न होने से गुस्से में हैं।
पहले भी रह चुके हैं मुख्यमंत्री
उमर पहले भी जम्मू कश्मीर मुख्यमंत्री के रूप में 2009 से 2015 तक काम कर चुके हैं। उमर अब्दुल्ला अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी के राजनेता हैं। उनके पिता फारूक अब्दुल्ला और दादा शेख अब्दुल्ला भी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उमर अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर वर्तमान में नेशनल कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। इस पार्टी की स्थापना शेख अब्दुल्ला द्वारा की गई थी।
लोकसभा सीट में हारना बड़ा झटका
उमर को सबसे बड़ा झटका इस साल लोकसभा चुनाव के दौरान लगा था जब बारामूला लोकसभा सीट पर रशीद इंजिनियर ने उन्हें हरा दिया था। रशीद ने यह चुनाव जेल में रहते हुए जीता था।
विदेश राज्य मंत्री भी रह चुके हैं उमर
उमर की यह हार भी छोटी नहीं थी, रशीद ने उन्हें दो लाख से अधिक वोटों के अंतर से हराया था। उमर केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के समय में विदेश राज्यमंत्री भी रह चुके हैं।





