बीजापुर, 07 जून (हि.स.)। जिले में व्यवसायिक गतिविधियों पर अधिरोपित प्रतिबंधों एवं सम्पूर्ण जिले को जोखिम क्षेत्र घोषित करने के बावजूद कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या एवं इस महामारी से होनी वाली मौतों की संख्या चिंता का विषय है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रतिदिन बीजापुर जिला अंतर्गत सभी ब्लाकों में कोरोना टेस्टिंग एवं डोर टू डोर सर्वे कराया जा रहा है। जिसके रिपोर्ट से यह संज्ञान में आया है कि तहसील उसूर में कोरोना धनात्मक मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। कोरोना संक्रमण के प्रकरणों में लगातार वृद्धि के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रितेश कुमार अग्रवाल द्वारा सोमवार को तत्काल प्रभाव से जिले के उसूर ब्लाक के सम्पूर्ण क्षेत्र को आगामी 14 जून 2021 तक जोखिम क्षेत्र घोषित करने का निर्णय लिया गया है। 14 जून 2021 प्रात: 06 बजे तक बीजापुर जिले के तहसील उसूर की सभी सीमाएं पूर्णत: सील रहेगी। इस दौरान अस्पताल, मेडिकल दुकानें, क्लीनिक एवं पशु चिकित्सालय को निर्धारित समय में खुलने की अनुमति होगी। मेडिकल दुकान संचालक मरीजों के लिए दवाओं की होम डिलिवरी को प्राथमिकता देंगे। दुग्ध वितरण एवं समाचार पत्र वितरण सीमित समय के लिए किया जा सकेगा। उक्त अवधि में शासकीय उचित मूल्य की दुकानों कोखाद्य अधिकारी द्वारा निर्धारित समय अवधि में मास्क, शारीरिक दूरी, नियमित सेनिटाईजेशन एवं भीड़-भाड़ नहीं होने देने की शर्त का कड़ाई से पालन कराने के अधीन टोकन व्यवस्था के साथ खुलने की अनुमति होगी। दुकानदार द्वारा 50 से 80 के बीच प्रतिदिन के लिए टोकन जारी किया जाए। हितग्राहियों-लाभार्थियों को राशन वितरण किया जाएगा। तहसील उसूर के सभी प्रकार की मंडियां तथा थोक-फुटकर एवं ग्रासरी दुकानें बंद रहेगी, किंतु आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु गोडाउन में लोडिंग एवं अनलोडिंग की अनुमति रात्रि 09 बजे से प्रात: 09 बजे तक ही होगी। बीज, उर्वरक, कीटनाशन, कृषि यंत्रों एवंमरम्मत की दुकानें एवं गोदाम प्रात: 06 बजे से संध्या 05 बजे तक खोलने की अनुमति होगी। दुकान संचालक होम डिलीवरी को प्राथमिकता देंगे। फल-सब्जी, अण्डा, पोल्ट्री, मटन, मछली एवं किराना सामग्री तथा ग्रासरी की होम डिलिवरी प्रात: 06 बजे से दोपहर 05 बजे तक केवल स्ट्रीट वेंडर, ठेले वालों, पिकअप, मिनी ट्रक या अन्य उपयुक्त छोटे वाहन के माध्यम से की जा सकेगी। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या प्रतिष्ठान पर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188,आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51-60 तथा अन्य सुसंगत विधि के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। हिन्दुस्थान समाचार/राकेश पांडे




