back to top
23.1 C
New Delhi
Monday, March 16, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

जोया अख्तर, रीमा कागती : ओटीटी प्लेटफॉर्म सर्वश्रेष्ठ रचनात्मक दिमाग के लिए किसी वरदान से कम नहीं

मुंबई, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। बीते 10 सालों में बाजार की ताकतों के आगे झुकने से इनकार करने वाली कहानियों में भारी उछाल आया है। ऐसी कहानियों को मुख्य रूप से ओटीटी प्लेटफार्म ने संचालित किया है, जिसने फिल्म निर्माताओं और लेखकों को एक बुलंद आवाज के साथ अपनी कहानियों को बताने और दर्शकों तक पहुंचाने के लिए एक मंच प्रदान किया है। जोया अख्तर और रीमा कागती लेखिका और फिल्मकार हैं, जो टाइगर बेबी फिल्म्स की संस्थापक भी हैं। वह जिंदगी ना मिलेगी दोबारा, तलाश, मेड इन हेवन और गली बॉय जैसी फिल्मों के साथ पर्दे पर अनोखी कहानियां लेकर आई हैं। मेड इन हेवन ने प्राइम वीडियो में अपनी जगह बना ली है और अब जोया नेटफ्लिक्स के साथ अपने अगले प्रोजेक्ट पर काम कर रही है, जो द आर्चीज कॉमिक्स का एक ओटीटी रूपांतरण है और यह 1960 के दशक में एक अमेरिकी हाई स्कूल में स्थापित किया गया है। इस सीरीज में शाहरुख खान की बेटी सुहाना, श्रीदेवी और बोनी कपूर की छोटी बेटी खुशी और अमिताभ बच्चन के पोते (श्वेता और निखिला नंदा के बेटे) अगस्त्य नंदा बॉलीवुड में डेब्यू करेंगे। अपने सहूलियत से जोया और रीमा ने आईएएनएस से स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से शुरू हुए बदलावों, दुनिया के ज्यादा समावेशी स्थान और भारतीय कंटेंट उद्योग में बदलाव के बारे में बात की। जोया ओटीटी क्षेत्र में काम करने की प्रक्रिया को बेहद आजाद बताती हैं। इसका मुख्य कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि पहला यह आपको लंबे प्रारूप वाली कहानी और विचारों को अच्छी तरह से कहने का मौका देता है। दूसरा इसमें सेंसरशिप नहीं है, इसलिए किसी के पास ऐसा कंटेंट हो सकता है जो पहले मुख्यधारा में स्वीकार नहीं किया गया हो और क्योंकि हम एक विश्व मंच पर हैं, इसलिए फिल्म निर्माताओं को बड़े दर्शकों के साथ जुड़ने में सक्षम बनाया जा रहा है। साथ ही तीसरी सबसे जरूरी बात है कि बॉक्स-ऑफिस पर कोई दबाव नहीं है, इसलिए दर्शक पूरी तरह से प्रतिक्रिया देते हैं कि उन्हें क्या पसंद है और क्या नहीं और चौथी किसी को अपने प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए सितारों को कास्ट करने की जरूरत नहीं है। जोया 15 से ज्यादा सालों से इसकी रचनात्मक भागीदार रही हैं और उन्होंने हनीमून ट्रेवल्स प्राइवेट लिमिटेड, तलाश और गोल्ड जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है। रीमा समझ सकती हैं कि ओटीटी प्लेटफॉर्म में क्या बदलाव हुए हैं। उन्होंने कहा ओटीटी भारत में विभिन्न फिल्म उद्योगों के बीच की रेखाओं को धुंधला करने के लिए पहले से ही अपने रास्ते पर है। हमने देखा है कि अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा के साथ ऐसा होता है। हमने फीचर फिल्मों से लेकर शार्ट फिल्मों और एंथोलॉजी तक के प्रारूपों की लंबाई में बदलाव देखा है। उन्होंने आगे कहा कि ओटीटी प्लेटफॉर्म दर्शकों को उनके समय के अनुसार कंटेंट देखने का अवसर देते हैं। हमने विभिन्न क्षेत्रीय सिनेमाघरों की प्रतिभाओं को परियोजनाओं पर सहयोग करते देखा है। हमने देखा है कि विभिन्न समय क्षेत्रों के लोग कंटेंट को देख रहे हैं, इसलिए ओटीटी प्लेटफॉर्म आपको भाषा, स्थान और समय की सीमाओं को पार करने में सक्षम बनाता है। रीमा ने मनी हीस्ट और नारकोस के बारे में कहा, जो क्षेत्रीय परियोजनाएं हैं, जिन्हें दुनिया भर में पसंद किया जा रहा है। रीमा ने कहा कि यह भारतीय कंटेंट के साथ भी हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि बस एक बात जो हमेशा रहेगी वह अच्छे और बुरे कंटेंट में फर्क करने की है। रीमा ने कहा, स्वतंत्रता ओटीटी का अभिन्न हिस्सा है। कहानीकार के लिए अपनी पसंद की कहानी बताने की आजादी, दर्शकों के लिए कंटेंट चुनने की आजादी और कंटेंट निर्माता कंटेंट चुनने की आजादी, जिसमें कम समय में वह दर्शकों को पसंद आए और देशों में स्ट्रीम करें। जोया ने कहा, ओटीटी प्लेटफॉर्म सभी तरह की कहानियां कहने का जरिया है। केवल प्लेटफॉर्म पर देखे जाने वाले कंटेंट की मात्रा और विविधता निरंतर व्यवधान और पुनर्निवेश का एक स्रोत है। यह फिल्म निर्माताओं को वास्तव में आकर्षक और प्रभावशाली कहानी बताने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह दर्शकों को स्वतंत्रता के साथ विविध विकल्प दे रहा है जो उनके पास पहले नहीं था। हमारा कंटेंट अब भूगोल से बंधा नहीं है। स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने भारतीय सिनेमा को यात्रा करने और सीमाओं को पार करने की अनुमति दी है। रीमा ने कहा, ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कंटेंट को हमेशा पसंद किया जाता है। प्लेटफॉर्म कैसे मुद्रीकरण का चुनाव करता है यह देखा जाना बाकी है। मेरा मानना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म कंटेंट क्रांति के वादे के साथ आते हैं। –आईएएनएस एसएस/आरएचए

Advertisementspot_img

Also Read:

पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में भगवान बलभद्र के रथ के मोड़ पर अटकने से मची भगदड़, 600 से ज्यादा श्रद्धालु हुए घायल

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क।  महाप्रभु जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथ यात्रा के दौरान इस साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचे। लेकिन रथ खींचने के दौरान अव्यवस्था...
spot_img

Latest Stories

Rajpal Yadav Birthday: पहले करते थे दर्जी का काम, फिर यूं पलटी किस्मत आज बन गए बॉलीवुड स्टार

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आज के समय में सिनेमाघर...

अब आप घर पर ही बना सकती हैं हेयर कलर, अपनाएं ये ट्रिक

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में लोगों...