नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कन्नड़ सुपरस्टार यश आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उनकी फैन फॉलोइंग न केवल साउथ इंडिया में बल्कि पूरे विश्व में फैली हुई है। प्रशांत नील निर्देशित ‘केजीएफ चैप्टर 1’ के बाद यश का कद और बढ़ गया। इस फिल्म ने उन्हें सिर्फ साउथ बल्कि पूरे भारत में अलग ही पहचान दी। यश की लोकप्रियता इस कदर बढ़ी कि उन्हें ‘द रॉकिंग’ स्टार के नाम से जाना जाने लगा।यश का जन्म 8 जनवरी 1986 को कर्नाटक के हासन जिले के एक गांव भुवानाहल्ली में हुआ था। उनके पिता एक ट्रक ड्राइवर हैं। वो आज भी ट्रक चलाते हैं। यश के पिता कर्नाटक में KSRTC परिवहन सेवा में काम करते हैं। आज यश अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर जानते हैं कैसे एक साधारण ट्रक ड्राइवर के बेटे ने मेहनत और संघर्ष से फिल्म इंडस्ट्री में अपनी धाक जमाई।
किसी भी मिडिल क्लास परिवार के बच्चे के लिए फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखना आसान नहीं होता। यश भी कर्नाटक के हासन जिले के गांव भुवानाहल्ली के रहने वाले हैं। उनके पिता ट्रक ड्राइवर हैं और आज भी ट्रक चलाते हैं। ऐसे में यश के लिए फिल्मों की दुनिया में आना चुनौतीपूर्ण था। वर्षों की मेहनत और संघर्ष के बाद यश ने अपनी पहचान बनाई और आज वे इंडस्ट्री के स्थापित स्टार्स में शामिल हैं।
यश के बचपन का नाम नवीन कुमार गौड़ा था। उन्होंने मैसूर में स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद वे बिनाका नाटक मंडली से जुड़े और जाने माने ड्रामिस्ट B.V. Karnath के ग्रुप के साथ काम किया। स्ट्रगल के बाद उन्हें टीवी सीरियल्स में काम करने का मौका मिला। उन्होंने कन्नड़ टीवी सीरियल ‘नंदा गोकुला’ से एक्टिंग में डेब्यू किया। इसके बाद वे कई टीवी शोज में नजर आए और फिर फिल्मों की ओर बढ़े।
यश ने अपने करियर में 21 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। 2007 में कन्नड़ फिल्म ‘जंबाडा हुदुगी’ से बड़े पर्दे पर कदम रखा। 2010 में ‘मोदालासाला’ से पहली हिट मिली और 2014 में ‘मिस्टर एंड मिसेस रामचारी’ ने उनके करियर को और मजबूती दी। 2018 में ‘केजीएफ’ ने यश की किस्मत ही बदल दी। फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और हिंदी बेल्ट में भी धूम मचा दी। 2022 में इसका सीक्वल आया और कई रिकॉर्ड तोड़े।
अब यश की अपकमिंग फिल्म ‘टॉक्सिक’ है, जिसमें वे फिर से रॉकिंग अंदाज में नजर आने वाले हैं। फिल्म में उनके साथ कियारा आडवाणी भी अहम भूमिका में हैं। फैंस इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।





