नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । सनी देओल और रणदीप हुड्डा अभिनीत हाल ही में रिलीज हुई बॉलीवुड एक्शन फिल्म ‘जाट’ रिलीज होने के कुछ ही दिनों बाद विवादों में घिर गई है। एक खास सीन जिसमें रणदीप हुड्डा को चर्च के मंच पर खड़ा दिखाया गया है। जिसको लेकर ईसाई समुदाय के सदस्यों की तीखी प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा है कि इस हरकत से उनकी धार्मिक भावनाओं को बहुत ठेस पहुंची है।
चर्च सीन से आक्रोश
ईसाई समुदाय के नेताओं ने आरोप लगाया है कि चर्च के अंदर सेट किया गया यह सीन मंच की पवित्रता को अपवित्र करता है, जिसे ईसाई पूजा में पवित्र माना जाता है। उन्होंने तर्क दिया है कि दृश्य चित्रण अपमानजनक और असंवेदनशील है, जिसके कारण उन्होंने फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है। ऑनलाइन प्रसारित एक वीडियो में प्रदर्शनकारियों के एक समूह को प्रदर्शन के दौरान “रणदीप हुड्डा मुर्दाबाद” के नारे लगाते हुए दिखाया गया है, जो सीधे तौर पर विवादास्पद सीन में अभिनेता की भूमिका के लिए उन्हें निशाना बना रहा है।
ईसाई समुदाय ने 48 घंटे का दिया अल्टीमेटम
ईसाई समुदाय ने संयुक्त आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई। समुदाय ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, अगर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वे तीव्र विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने धार्मिक अपमान के आरोपों के तहत फिल्म के निर्माताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है और ईसाई समुदाय ने 48 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया है। अगर इस समय सीमा के भीतर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो उन्होंने अपना विरोध प्रदर्शन तेज करने की चेतावनी दी है।
फिल्म निर्माताओं ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी
अभी तक न तो निर्देशक और न ही मुख्य अभिनेताओं ने विवाद को संबोधित करते हुए कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। लोगों की भावनाओं के तीव्र होने के साथ फिल्म जगत से जुड़े एक्सपर्ट का अनुमान है कि अगर मांगें और अधिक जोर पकड़ती हैं तो फिल्म को कानूनी बाधाओं या यहां तक कि सेंसरशिप का सामना करना पड़ सकता है।





