नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कभी राजा बाबू और बड़े मियां छोटे मियां जैसी मशहूर हिट फिल्मों को देने वाले 90 के दशक के सबसे बड़े सितारों में से एक गोविंदा हाल के वर्षों में बड़े पर्दे से गायब होने पर उनकी बेबाक पत्नी सुनीता आहूजा ने फिल्मों से उनके लंबे अंतराल के पीछे के कारणों के बारे में खुलकर बात की है। जिसमें उन्होनें इन चार लोगों पर आरोप लगाते हुए बड़ा दावा किया है आइए जानते है क्या कहा सुनीता आहुजा ने ?
अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जानी वाली गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने लंबे समय से बड़े पर्दे से दूर रहने व बॉक्स ऑफिस पर कोई हिट फिल्म नहीं देने एक्टर की पत्नी ने बड़ी टिप्पणी करते हुए द पावरफुल ह्यूमन्स से बातचीत में गोविंदा के करीबी लोगों पर करियर को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। जिसमें सुनीता का कहना है कि गोविंदा का सर्कल गलत है, इसलिए वह उनसे झगड़ती भी है। साथ ही पति गोविंदा को अपना दायरा बदलने की सलाह भी दे चुकी है। उन्होनें कहा, वह उनसे इसीलिए झगड़ती हैं। क्योंकि, वह बिना मतलब के चापलूसी नहीं कर सकतीं। सुनीता ने नाम लिए बिना गोविंदा के चार सदस्यीय टीम पर निशाना साधते हुए कहा, ‘आज उनके पास चार लोग हैं, एक राइटर, म्यूजीशियन, सेक्रेटरी और उनका वकील दोस्त।
द पावरफुल ह्यूमन्स से बातचीत में सुनीता ने कहा, उनके ये चार लोग किसी काम के नही है, पिछले 17 सालों में बॉलीवुड में किसी फिल्म को ना करने को लेकर सुनीता ने बताया, उनके बॉक्स ऑफिस पर ना आने का सबसे बड़ा कारण ही एक है वो है उनका सर्कल जिनके बीच वे हमेशा घिरे रहते है उन्हें लगता है वे जो कह रहे या कर रहे सब सही है क्योंकि, जो साथ में है वे उनकी गलती या खामिंया नही बताते और मुझे चापलूसी पसंद नहीं इसलिए मैं उनसे इस बात को लेकर झगड़ती हूं ।
वो उनके हर काम में सिर्फ वाह-वाह कहते हैं। अगर वह कोई म्यूजिक बनाते हैं तो वो बोलते हैं कि वाह वाह चीची भैया… आपने क्या कमाल कर दिया। जबकि उनको सच्चाई बतानी चाहिए क्या कमी है और जब मैं सच्चाई बताती हूं तो वे चिढ़ जाते हैं।
गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने अपने पति गोविंदा से 90 के दशक के स्टारडम से चिपके रहने के बजाय ओटीटी प्लेटफार्मों जैसे आधुनिक रुझानों को अपनाने का भी सलाह दिया। सुनीता ने कहा, मैनें गोविंदा को कहा, वर्तमान में जीना और भविष्य के बारे में न सोचना ही गलत है। उन्हें आगे किस तरह की फिल्में करनी चाहिए वो सोचना चाहिए। ना कि, 90 के दशक के स्टारडम में।
सुनीता आहूजा चाहती हैं कि गोविंदा बदलते समय के हिसाब से खुद को ढाल लें
सुनीता ने आगे कहा, मैंने गोविंदा से कहा, 90 का दशक खत्म हो चुका है। अब 2025 चल रहा है तो आज के समय में जो चल रहा है उसे देखों जैसें, नेटफ्लिक्स और ओटीटी प्लेटफॉर्म लेकिन वे तो वाह-वाह प्रोडक्शंस के चक्कर में फंसे है। मैंने उनसे कितनी बार बोला, अपने आस-पास के लोगों को बदलों, क्योंकि जब तक ये चार-पांच लोग साथ रहेगें तब तक उन्हें आगे नहीं बढ़ने देंगे। और एक समय में डेविड धवन भी ये बात बोल चुके है। लेकिन, 90 के दशक में लगातार हिट फिल्में देनेवाले को यही लगता है कि, मैं सोलो-हीरो हूं तो मैं कोई भी फिल्में करूंगा तो वे चलेंगी। लोगों ने उनके दिमाग में यह मिथक बैठा दिया, आप हीरो नंबर वन है आपकी फिल्म जरूर चलेगी। आपको एक मजबूत विषय और एक अच्छे निर्देशक की जरूरत होती है तभी आपकी फिल्म चलती है।
आखिरी बार गोविंदा को कॉमेडी फिल्म रंगीला राजा में देखा गया था, जिसका निर्देशन सिकंदर भारती ने किया था और लेखन और निर्माण पहलाज निहलानी ने किया था। इस फिल्म में मिशिका चौरसिया और अनुपमा अग्निहोत्री भी थीं। जिसमें गोविंदा ने डबल रोल किया था। लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई। उसके बाद से वह बड़े पर्दे पर नहीं दिखाई दिए।





