नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । बॉलीवुड के चर्चित कॉमिक एक्टर राजपाल यादव इन दिनों गंभीर कानूनी और आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। चेक बाउंस और करीब 9 करोड़ रुपये के बकाया कर्ज से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 फरवरी को उनकी आखिरी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद अदालत के निर्देश पर उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया। जेल जाने से पहले राजपाल यादव ने खुलकर अपनी आर्थिक तंगी और इस मुश्किल दौर में मिले अकेलेपन की बात साझा की थी। अब उनके समर्थन में अभिनेता सोनू सूद सामने आए हैं। सोनू ने स्पष्ट किया कि उनकी मदद किसी तरह की चैरिटी नहीं, बल्कि एक कलाकार के लिए प्रोफेशनल सहयोग और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने यह भी अपील की कि इंडस्ट्री और लोग आगे आकर उनकी मदद करें, ताकि वे इस मुश्किल दौर से बाहर निकल सकें।
राजपाल यादव के समर्थन में सोनू सूद की अपील
मंगलवार को राजपाल यादव का भावुक बयान सामने आने के बाद अभिनेता सोनू सूद उनके समर्थन में खुलकर आगे आए। पैसों की तंगी और अकेलेपन को लेकर राजपाल की बातों ने कई लोगों को झकझोर दिया, जिसके बाद सोनू सूद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी।
सोनू सूद ने न सिर्फ राजपाल यादव को अपनी आने वाली फिल्म में काम देने की बात कही, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री से भी अपील की कि वह इस कठिन दौर में एकजुट होकर उनके साथ खड़ी हो। अपने पोस्ट में सोनू ने लिखा कि राजपाल यादव बेहद प्रतिभाशाली अभिनेता हैं, जिन्होंने सालों तक इंडस्ट्री को यादगार किरदार दिए हैं। कई बार मुश्किलें टैलेंट की वजह से नहीं, बल्कि हालात और गलत समय के कारण आती हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि जो सहयोग वे कर रहे हैं, वह किसी तरह की चैरिटी नहीं है। सोनू सूद ने कहा कि भविष्य के काम के साथ एडजस्ट होने वाला एक छोटा साइनिंग अमाउंट कलाकार के सम्मान का प्रतीक है और यही वह वक्त है जब प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और को-एक्टर्स को साथ खड़ा होना चाहिए।
राजपाल ने बताया था अपनी आर्थिक तंगी का दर्द
सोनू सूद ने अपने संदेश में आगे कहा कि जब कोई अपना मुश्किल हालात से गुजरे, तो इंडस्ट्री उसका सपोर्ट करें, ताकि उसे यह एहसास हो कि वह अकेला नहीं है। यही एकता दिखाती है कि फिल्म जगत सिर्फ काम करने की जगह नहीं, बल्कि एक परिवार भी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तिहाड़ जेल में सरेंडर करने से कुछ समय पहले राजपाल यादव ने अधिकारियों के सामने अपनी आर्थिक बदहाली को लेकर खुलकर बात की थी। जब उनसे उनके कानूनी और आर्थिक संकट को लेकर सवाल किया गया, तो राजपाल ने बेहद टूटे हुए अंदाज में कहा “सर, मेरे पास पैसे नहीं हैं… कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा।” राजपाल के ये शब्द उनकी तंगहाली और मानसिक दबाव को साफ बयां करते हैं, जिसने इंडस्ट्री के लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
क्या है पूरा विवाद?
जब राजपाल यादव से पूछा गया कि उन्होंने इंडस्ट्री के करीबी लोगों जैसे निर्देशक प्रियदर्शन से मदद क्यों नहीं ली, तो उनका जवाब बेहद दर्दभरा था। उन्होंने कहा कि इस इंडस्ट्री में हर शख्स अंत में अकेला ही होता है और इस संकट से भी उन्हें खुद ही जूझना पड़ेगा। राजपाल यादव की कानूनी उलझनों की जड़ करीब एक दशक से ज्यादा पुरानी है। साल 2010 में उन्होंने अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। यह फिल्म 2012 में रिलीज हुई, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। फिल्म के फ्लॉप होने के बाद कर्ज की अदायगी नहीं हो पाई और मामला अदालत तक पहुंच गया। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी करार दिया।
छह महीने की जेल
शिकायतकर्ता को दिए गए सातों चेक जब बाउंस हो गए, तो अदालत ने राजपाल यादव को छह महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई। इस फैसले को 2019 की शुरुआत में सेशन कोर्ट ने भी बरकरार रखा। इसके बाद राहत की उम्मीद में मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंचा, जहां रिवीजन याचिका दाखिल की गई। लेकिन वक्त बीतने के साथ हालात और मुश्किल होते चले गए। जून 2024 में हाई कोर्ट ने सजा पर अस्थायी रोक लगाते हुए एक्टर को निर्देश दिया कि वह बकाया रकम चुकाने के लिए ईमानदार और ठोस प्रयास करें। इस बीच बकाया राशि बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। तय समयसीमा के भीतर भुगतान न होने और बार-बार दी गई डेडलाइन पूरी न होने के कारण अदालत का रुख सख्त होता चला गया।
कोर्ट ने क्यों सुनाई सजा?’
राजपाल यादव ने अक्टूबर 2025 तक दो डिमांड ड्राफ्ट के जरिए करीब ₹75 लाख जमा किए, लेकिन अदालत ने पाया कि अधिकांश राशि अब भी बकाया थी। इस पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने स्पष्ट किया कि सेलिब्रिटी होने का कोई भी फायदा नहीं, कानून के साथ नरमी नहीं बरती जा सकती। 4 फरवरी 2026 को, राजपाल यादव की अंतिम मिनट की मोहलत याचिका खारिज कर दी गई, जिसमें उन्होंने फंड जुटाने के लिए एक हफ्ते की अतिरिक्त समय की मांग की थी। जज ने कहा कि एक्टर पहले भी लगभग 20 बार अपने भुगतान कमिटमेंट पूरा करने में असफल रहे हैं। 5 फरवरी 2026 को उनके वकील ने ₹25 लाख का नया चेक और नया पेमेंट शेड्यूल पेश किया, लेकिन कोर्ट ने सरेंडर आदेश वापस लेने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद शाम करीब 4 बजे राजपाल यादव ने छह महीने की जेल की सजा काटने के लिए तिहाड़ में सरेंडर कर दिया।




