नई दिल्ली/रफ्तार। अल्लू अर्जुन की फिल्म ‘पुष्पा 2’ ने जहां पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया, तो वही इस फिल्म ने साउथ से लेकर नॉर्थ तक में ताबड़तोड़ कमाई की। इस फिल्म में जहां अल्लू अर्जुन के एक्टिंग ने लोगों का दिल जीता तो वहीं इस फिल्म ने हाल ही में हुई घटना को लेकर भी खूब सुर्खियां बटोरी। वहीं इसके डबिंग वर्जन की बात करें तो इसमें सारा क्रेडिट श्रेयस तलपड़े को जाता हैा उनके दमदार आवाज ने इस फिल्म को और भी लाजवाब बना दिया।
इस फिल्म के सक्सेस का श्रेय एक्टर के आवाज को जाता है
इस फिल्म के सक्सेस का श्रेय एक्टर के आवाज को जाता है। जहां अल्लू अर्जुन की एक्टिंग ने जलवा कायम रखा तो वहीं इसके डबिंग में अपने आवाज से हर तरफ से खूब तारीफ बटोरी श्रेयस तलपड़े ने, इसी पर चर्चा करते हुए एक्टर ने बताई इस फिल्म के डबिंग से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें। हाल ही में इंटरव्यू में श्रेयस ने बताया डब करने में किस जगह पर उनको परेशानी का सामना करना पड़ा। श्रेयस बोले, फिल्म पुष्पा 1 और 2 के चैलेंज बिल्कुल अलग-अलग थे। इसके पहले भाग में किसी को फिल्म से कोई ज्यादा कोई उम्मीद नहीं थी। पहले पार्ट में सबसे कठिन फिल्म के क्लाइमैक्स में आया। मैंने उस एक सीन के लिए अलग से पूरा एक दिन ले लिया था।
फिल्म की एंडिंग अजीब तरह से खत्म हुई
श्रेयस ने बताया कि मैंने उस एक सीन के लिए एक अलग से दिन निकालकर रखा था कि मैं इसे अलग से करूंगा। फिल्म पुष्पा में जहां इतना सारा एक्शन था। तो वहीं जहां बस हीरो और विलेन बैठकर एक-दूसरें से बातें कर रहे हैं। एक्टर उसे चैलेंज करके निकल जाता है। इस फिल्म के एंडिंग की बात करें तो इसका आखिर एक अजीब तरह से खत्म हुआ। जिसमें हीरों विलेन पर अपनी सारी भड़ास निकाल कर चैलेंज करके निकल जाता है।
उसके डायलॉग तो मानों लोगों के जुबान पर बैठ गए है
इसके एक्शन में आप अपने इमोशन को निकालते हो, चीखते-चिल्लाते हो। इस फिल्म में ये काफी जरूरी सीन है। उसके डायलॉग तो मानों लोगों के जुबान पर बैठ गए है। इसमें यहीं डायॅलाग में मेरे पसीने निकल गए क्योंकिे इसमें जो इमोशन है वो सही तरीके से बाहर आना जरुरी था। पुष्पा अगर बिना कपड़ों के निकल गया तो लोग फिर भी पूछेंगे, लेकिन तू निकला तो तूझे कुत्ता भी नहीं पूछेगा।
श्रेयस ने की ‘पुष्पा 2’ की डबिंग
श्रेयस तलपड़े ने ‘पुष्पा 2’ फिल्म में को लेकर बताया कि ‘पुष्पा पार्ट 1’ से ‘पार्ट 2’ तक काफी कुछ बदला था। क्योंकि अब उसका कारोबार लंबा हों चुका था। तो जाहिर सी बात हैं कि उसके स्वभाव में भी वो झलक रहा था। इस फिल्म में पुष्पा ने पूरे समय अपने मुंह में पान रखा था जिससे उसका किरदार काफी अलग हो गया था। वहीं श्रेयस बताते है कि मैनें भी पहले मुंह में पान रखकर डब करने की कोशिश की लेकिन आवाज निकालते समय मेरे गले में काफी परेशानी होने लगी। फिर मैनें इस फीलिंग को लाने मुहं में रुई का इस्तेमाल किया। ताकि ऑडियंस को बेहतर तरीके से आवाज की फील आए।
‘टिमोन’ के किरदार को भी बेहतरीन बना दिया था
पुष्पा के किरदार को अपने तरीके से थिएटर्स में जिंदा रखने श्रेयस ने अपने आवज पर भरपूर मेहनत की है। उनके मेहनत और काम ने इस डबिंग फिल्में में चार चांद लगा दिया। वहीं बात करे श्रेयस तलपड़े के काम की तो इससे पहले भी वे डिजनी के लाइव एनिमेटिड फिल्म ‘द लायन किंग’ और ‘मुफासा’ में ‘टिमोन’ के किरदार पर भी अपनी आवाज दी है। एक्टर ने अपनी प्रतिभा से ‘टिमोन’ के किरदार को भी बेहतरीन बना दिया था।





