नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । क्रिकेट की बड़ी फैन सैयामी खेर हाल ही में भारत की महिलाओं की वर्ल्ड कप जीत से बेहद उत्साहित हैं। इस खुशी को और बढ़ाते हुए उनकी 2023 में रिलीज हुई स्पोर्ट्स फिल्म ‘घूमर’ इस शुक्रवार को सिनेमाघरों में फिर से रिलीज हो रही है।
सैयामी ने कहा “मुझे लगता है कि यह सब बहुत ही शानदार है। मैं लड़कियों की जीत से बहुत खुश हूं क्योंकि मैं डी.वाई. पाटिल स्टेडियम में उन्हें वर्ल्ड कप उठाते हुए देख रही थी। उसी रात, आर. बाल्की सर ने मैसेज किया कि वह फिल्म को री-रिलीज करने की कोशिश करेंगे। यह एक ऐसी फिल्म है जिसके जरिए हमने क्रिकेट और महिलाओं का जश्न मनाने की कोशिश की। मुझे लगता है कि टाइमिंग बहुत अच्छी है और मैं बस खुश हूं कि इसे सिनेमाघरों में एक और मौका मिल रहा है।”
सैयामी खेर ने शेयर किया वर्ल्ड कप जीत का इमोशनल अनुभव
अभिनेत्री सैयामी खेर ने भारत की महिला क्रिकेट टीम की हालिया वर्ल्ड कप जीत के दौरान अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया, “मैं फाइनल बिल्कुल मिस नहीं कर सकती थी। मेरे लिए भारत को इस जीत के साथ देखना, किसी और चीज़ से कहीं ज्यादा मायने रखता था। बहुत तनाव था। मैं स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर के परिवारों के साथ बैठी थी और वे सब बेहद भावुक थे। सेमीफाइनल के बाद उनके लिए यह अनुभव काफी थका देने वाला था। यह जीत महिला स्पोर्ट्स के लिए सच में एक ऐतिहासिक पल रही।”
सैयामी ने कहा, “महिला क्रिकेट के लिए यह पल उतना ही अहम है, जितना बैडमिंटन में साइना नेहवाल की उपलब्धि थी। BCCI की कोशिशें इस जीत को और भी महत्वपूर्ण बनाती हैं। मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि यह सच है। 2011 में मैंने वानखेड़े स्टेडियम में मेंस टीम की जीत देखी थी, और माहौल बिल्कुल वैसा ही था। इस बार, महिला क्रिकेट के लिए इतने दर्शक पहले कभी नहीं थे। यह सिर्फ खिलाड़ी टीम के लिए ही नहीं, बल्कि झूलन गोस्वामी और मिताली राज जैसी पूर्व खिलाड़ियों के लिए भी गर्व का पल था। मौजूदा टीम ने यह कप उन सभी खिलाड़ियों को समर्पित किया जिन्होंने सालों तक इस खेल के लिए संघर्ष किया।” सैयामी ने इस पल को महिला क्रिकेट की लंबी लड़ाई और उसकी बढ़ती लोकप्रियता के लिए यादगार बताया।
सैयामी खेर ने महिला क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता पर जताई खुशी
स्पोर्ट्स फैंस की बढ़ती उत्साहभरी प्रतिक्रिया पर बात करते हुए सैयामी खेर ने कहा, “स्टेडियम पूरी तरह भरा हुआ था। हरमनप्रीत ने सही कहा कि पहली बार खिलाड़ियों पर टिकटों को लेकर दबाव भी था। जब मैं पहुँची, तो हर जगह ‘सोल्ड आउट’ के बोर्ड लगे थे। मेरा ड्राइवर तक मुझसे पूछ रहा था कि टिकट कैसे मिलेंगे। सबसे खास बात यह थी कि उसी दिन मेंस का T20 मैच भी था, भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया। लेकिन महिला फाइनल के लिए जो क्रेज था, वह अलग ही स्तर का था। यह साफ दिखाता है कि महिला क्रिकेट अब उस मुकाम पर पहुंच गया है जहां दर्शक इसे उतने ही उत्साह और रोमांच के साथ देख रहे हैं जितना मेन्स क्रिकेट को देखते हैं।”





