मुंबई, 13 मई (आईएएनएस)। बाल अभिनेत्री रूहानिका धवन, जो सीरियल मेरे साईं : श्रद्धा और सबुरी के एक महत्वपूर्ण ट्रैक का हिस्सा हैं, का कहना है कि उनका ट्रैक बेटों और बेटियों के साथ समान व्यवहार करने का महत्वपूर्ण संदेश देता है। रूहानिका एक ऐसी लड़की की भूमिका निभा रही है, जिसे उसके माता-पिता द्वारा एक मंदिर की सीढ़ियों पर छोड़ दिया जाता है, जो दो बेटियों के बाद अपने तीसरे बच्चे के रूप में एक बेटे को चाहते थे, मगर उनके घर तीसरी बार भी बेटी पैदा हो गई। बाल कलाकार ने कहा, मैं रामा की भूमिका निभा रही हूं, जो कि एक बहुत बहादुर और स्वतंत्र लड़की है, जो अपने बायोलॉजिकल माता-पिता की तलाश कर रही है। उसे एक मंदिर के बाहर उनके द्वारा छोड़ दिया गया था और बाद में एक महिला द्वारा अपनाया गया था, जिसे वह प्यार से अज्जी कहती हैं। इस ट्रैक का उद्देश्य लोगों को सीख सिखानी है कि चाहे लड़की हो या लड़का, आखिर बच्चा तो बच्चा होता है। वह कहती है, यह शर्म की बात है कि महिलाओं और लड़कियों को नीचा दिखाया जाता है। अगर किसी लड़की को एक लड़के के रूप में समान अवसर दिया जाता है, तो वह अधिक से अधिक ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है। मैं समानता में विश्वास करती हूं, और मैं अपने माता-पिता को यह चीज सिखाने और मुझे उस तरह की शिक्षा प्रदान करने का श्रेय देती हूं। मेरे साईं में यह ट्रैक संघर्षरत लड़कियों को सामने लाएगा और मुझे उम्मीद है कि हम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कुछ लोगों के मन को प्रभावित करने में सक्षम होंगे। सभी लड़कियों के लिए मेरा संदेश है कि उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ना है और ऐसा कोई नहीं है जो आपको हीन महसूस करा सकता है। अभिनेत्री का कहना है कि उन्होंने इस शो से बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने कहा, मेरे साईं वास्तव में एक ऐसा शो है जो ज्ञान और शिक्षा प्रदान करता है। –आईएएनएस एकेके/एएनएम




