नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बॉलीवुड की दुनिया में कई ऐसे सितारे हैं, जिन्होंने अलग-अलग कलाओं में अपना जलवा दिखाया है। उनमें से एक हैं राकेश रोशन, जिन्होंने अभिनय और निर्देशन दोनों में अपनी अलग पहचान बनाई और इंडस्ट्री में एक मजबूत छाप छोड़ी है।
बॉलीवुड के दिग्गज राकेश रोशन आज 75 साल के हो गए हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अभिनेता के रूप में की और कई फिल्मों में काम करने के बाद निर्देशक की कुर्सी संभाली, जिससे उन्होंने सिनेमा को अपनी रचनात्मक दिशा और अविस्मरणीय योगदान दिया।
एक्टर से डायरेक्टर बने राकेश रोशन
बॉलीवुड के दिग्गज राकेश रोशन का जन्म 6 सितंबर 1949 को हुआ। अभिनेता से निर्देशक बनने का उनका सफर बेहद प्रेरणादायक है। 1970 के दशक में उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और घर घर की कहानी, पराया धन, आंख मिचोली, खूबसूरत, एक कुंवारी एक कुंवारा, मन मंदिर और खेल खेल में जैसी कई फिल्मों में लगातार काम करते गए।
1980 के दशक में राकेश रोशन ने निर्देशन की दिशा में कदम बढ़ाया और जिस तरह का सिनेमाई कमाल उन्होंने पेश किया, वह आज भी फिल्मप्रेमियों की यादों में ताजा है और कभी भुलाया नहीं जा सकता।
इस हिट फिल्म ने जीता दर्शकों को दिल
1987 वह साल था जब राकेश रोशन ने बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म ‘खुदगर्ज’ बनाई। इसके बाद उन्होंने किंग अंकल, करण अर्जुन और कोयला जैसी फिल्मों के जरिए बॉलीवुड में लगातार हिट देने का सिलसिला शुरू किया और दर्शकों का दिल जीत लिया।
इस फिल्म ने दी नई उड़ाई
साल 2000 में राकेश रोशन का करियर नई ऊंचाई पर पहुंचा जब उन्होंने ‘कहो ना प्यार है’ बनाई। इस फिल्म से उनके बेटे ऋतिक रोशन ने बॉलीवुड में डेब्यू किया, वहीं अमीषा पटेल के लिए भी यह पहली फिल्म थी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस और दर्शकों दोनों के बीच तहलका मचा दिया।
‘कोई… मिल गया’ से किया धमाका
राकेश रोशन ने साइंस-फिक्शन में भी अपनी छाप छोड़ी और निर्देशकों को नई सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। 2003 में आई ‘कोई… मिल गया’ ने दर्शकों को एक अनोखा सिनेमाई अनुभव दिया, जहां इंसानी भावनाओं और विज्ञान की कल्पनाओं का अद्भुत संगम पूरी तरह जीवंत नजर आया।
‘कृष’ के रुप में पेश किया नया चेहरा
2006 में राकेश रोशन ने ‘कृष’ के जरिए भारतीय दर्शकों के सामने सुपरहीरो का नया चेहरा पेश किया। उनकी फिल्मों की खासियत यह है कि वे पारिवारिक संबंधों को मजबूती से पेश करते हैं, जिससे दर्शक भावनात्मक रूप से आसानी से जुड़ जाते हैं और कहानी में खो जाते हैं।
कई गाने चार्टबस्टर साबित हुए
संगीत हमेशा से राकेश रोशन की फिल्मों का खास आकर्षण रहा है। उनके गाने चार्टबस्टर साबित हुए हैं, जैसे ‘एक पल का जीना’ और ‘दिल ना लिया’। जब भी राकेश निर्देशक की कुर्सी पर बैठते हैं, उनकी फिल्मों का संगीत सीधे दर्शकों के दिलों को छू जाता है और उन्हें लंबे समय तक याद रहता है।
अपनी प्रमुख फिल्मों का नाम रखा ‘क’ से…
राकेश रोशन को उनके काम के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिल चुका है, विशेषकर ‘कोई… मिल गया’ के लिए। उनकी खासियत यह है कि उन्होंने अब तक निर्देशित सभी प्रमुख फिल्मों के नाम ‘क’ से ही रखे हैं, जैसे कहो ना प्यार है, कोई मिल गया, कोयला, कारोबार, खेल, किशन कन्हैया, कृष और कृष 3।
राकेश रोशन सिर पर क्या नहीं है बाल
राकेश रोशन का बाल्ड लुक अक्सर लोगों के मन में जिज्ञासा जगाता है। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया कि, उनके करियर में लगातार फिल्में फ्लॉप हो रही थीं, तो उन्होंने मन्नत मांगी। अगर अगली फिल्म हिट हुई तो वे तिरुपति में अपने बाल चढ़ाएंगे। फिल्म हिट हुई, और तभी से उनका यही प्रतिष्ठित बाल्ड लुक दर्शकों के सामने है।





