नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। टॉलीवुड के प्रिंस कहेजानेवाले महेश बाबू तेलुगू सिनेमा के हाइएस्ट पेड स्टार हैं। उनकी फिल्में जब थिएटर्स में रिलीज होती हैं, तो फैन्स उनके पोस्टर को दूध से नहलाते हैं और खूब ढोल-नगाड़े बजाते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि महेश बाबू का नाम लोगों की मदद करने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है? आज महेश बाबू के जन्मदिन पर जानेगें उनसे जुड़े कुछ मजेदार किस्सों के बारे में।
बता दे, महेश बाबू आज 9 अगस्त को अपना जन्मदिन मना रहे है, इस मौके पर हम आपको उनकी जिंदगी और करियर से जुड़े पांच ऐसे किस्से बताने जा रहे हैं, जो हैरान कर देंगे। महेश बाबू का नाम लोगों की मदद करने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है, आज महेश बाबू के बर्थडे पर उनसे जुड़े मजेदार किस्से। महेश बाबू दो गांवों की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते है, महेश बाबू को तेलुगू भाषा नहीं आती पर एक्टर के लिए फैन्स इस कदर पागल है कि, वो उनकी इस कमी को भी नजरअंदाज कर देते हैं। फैन्स महेश बाबू को भगवान की तरह पूजते हैं।
महेश बाबू का असली नाम और करियर
महेश बाबू का पूरा नाम घट्टामनेनी महेश बाबू हैं। वह तेलुगू सिनेमा के सुपरस्टार रहे घट्टामनेनी कृष्णा के बेटे हैं। महेश बाबू ने 4 साल की उम्र में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट एक्टिंग डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने करीब 8 फिल्में कीं और फिर 1999 में फिल्म राजाकुमारुडु से लीड हीरो के रूप में डेब्यू किया था। इस फिल्म के लिए महेश बाबू ने बेस्ट मेल डेब्यू का नंदी अवॉर्ड जीता था। इसके बाद महेश बाबू ने पीछे मुड़कर नहीं देखा इसके बाद कई हिट फिल्में की।
महेश बाबू की सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्म
महेश बाबू की फिल्म ‘पोकिरी’ के नाम तेलुगू की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म का रिकॉर्ड दर्ज था। इस फिल्म को बेस्ट पॉप्युलर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड मिला था। महेश बाबू की सरिलेरु नीकेवरु भी सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्म रही।
रट्टा लगाकर याद करते डायलॉग
जानकारी के मुताबिक, महेश बाबू को तेलुगू भाषा बिल्कुल भी नहीं आती है, जबकि वह तेलुगू परिवार से ही आते है जबकि, उनके पूरी फैमिली को ये भाषा आती है लेकिन, तेलुगू भाषा न आने के इस कमी को महेश बाबू ने अपने करियर पर हावी नहीं होने दिया । वे रट्टा लगाकर डायलॉग याद करते थे। यह तब की बात है, जब महेश बाबू ने फिल्मों में कदम रखे थे। तब वह तेलुगू भाषा के डायलॉग का अर्थ समझकर उन्हें रटते और फिर स्क्रीन पर बोलते थे।
फैन्स ने बनवाया महेश बाबू का मंदिर
44 साल के करियर में महेश बाबू ने इतने फैन्स कमा लिए हैं, जो उन्हें सिर-आंखों पर बिठाए रखते हैं तेलुगू भाषा न आने की कमी को भी फैन्स ने नजरअंदाज कर दिया। फैन्स महेश बाबू को पूजते हैं, और आंध्र प्रदेश में उनका मंदिर भी बनाया है। उनका यह मंदिर आंध्रप्रदेश के कोंडापुरम में बनाया गया था, जिसमें एक्टर की बड़ी सी मूर्ति स्थापित की गई है।
थिएटर्स पर की थी फूलों की बारिश
उनके दीवानगी का इससे अंदाजा लगाया जा सकता है, जब 2017 में महेश बाबू की फिल्म ‘स्पाइडर’ रिलीज हुई थी उस समय फैन्स ने एक हेलिकॉप्टर से थिएटर्स पर फूलों की बारिश की थी। वहीं जब विशाखापट्टनम के एक थिएटर में महेश बाबू की फिल्म के टिकट नहीं मिले तो थिएटर के शीशे फोड़ डाले थे।2021 में जब महेश बाबू की फिल्म ‘सरकारू वारी पाटा’ एक थिएटर में देरी से शुरू हुई तो फैंस ने गुस्से में थिएटर ही तोड़ दिया। बेकाबू स्थिति होने पर फैंस को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को बुलाया गया था।
महेश बाबू का गिनीज रिकॉर्ड
महेश बाबू का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है, वह पहले ऐसे एक्टर हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा पब्लिक सर्विस अनाउंस की कई एनजीओ भी चलाते हैं और हजारों बच्चों की हार्ट सर्जरी करवा चुके हैं।





