वतन की आवाज ‘लता’, भक्ति की आवाज ‘लता’, शक्ति की आवाज ‘लता’, मोहब्बत की आवाज ‘लता’, बिछड़न की आवाज ‘लता’, ऐतबार की आवाज ‘लता’, पर अब वह लता शांत हो गई हैं। लता की आवाज में ना सिर्फ खनक थी बल्कि वह रुहानियत भी थी जो हर किसी को उनका क्लिक »-www.prabhasakshi.com




