नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 23 सितंबर को हिंदी सिनेमा के मशहूर गायक कुमार सानू का जन्मदिन मनाया जाता है। 90 के दशक के सबसे लोकप्रिय और रोमांटिक आवाजों में से एक कुमार सानू ने अपनी मधुर आवाज़ से लाखों दिलों को छुआ है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस आवाज़ के पीछे छिपा संघर्ष और शुरुआत का सफर कितना दिलचस्प था?
शुरुआती संघर्ष और बंगाली फिल्मों से शुरुआत
कुमार सानू का जन्म 1957 में कोलकाता में हुआ था। उनके पिता पशुपति भट्टाचार्य खुद एक जाने-माने गायक और संगीतकार थे। 1983 में कुमार सानू ने अपनी संगीत यात्रा बंगाली फिल्मों के लिए गाने गाकर शुरू की। इसके बाद 1986 में उन्होंने बांग्लादेशी फिल्म तीन कन्या के लिए भी गीत गाए।
पहला मौका और नाम की कहानी
बॉलीवुड में उनका पहला गाना फिल्म हीरो हीरालाल (1988) में आया था, लेकिन असली पहचान उन्हें 1989 में मिली, जब गजल सम्राट जगजीत सिंह ने उन्हें मशहूर संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी से मिलवाया। कल्याणजी ने ‘सानू भट्टाचार्य’ को कुमार सानू नाम दिया क्योंकि वे किशोर कुमार के बेहद बड़े प्रशंसक थे।
‘आशिकी’ की महफिल और रॉकेट की तरह उड़ान
1990 में रिलीज हुई फिल्म आशिकी के गानों ने कुमार सानू को रातोंरात स्टार बना दिया। इस फिल्म के लगभग सभी गाने सुपरहिट रहे और आज भी रोमांटिक गीतों की सूची में शीर्ष स्थान पर हैं। आशिकी के संगीतकार आनंद-मिलिंद और गुलशन कुमार ने उन्हें यह मौका दिया, जिससे उनकी किस्मत चमक गई।
सुपरहिट गानों की लंबी फेहरिस्त
कुमार सानू ने ‘दिल है कि मानता नहीं’, ‘साजन’, ‘साथी’, ‘दीवाना’, ‘धड़कन’, ‘बरसात’ और ‘अग्नि साक्षी’ जैसी हिट फिल्मों के लिए आवाज़ दी। 1991 से 2005 के बीच उनके गाए लगभग 293 गाने सुपरहिट साबित हुए। इसके अलावा वे 21,000 से अधिक ट्रैक्स रिकॉर्ड कर चुके हैं, जिनमें हिंदी के साथ-साथ बंगाली, मराठी और कई अन्य भाषाएं शामिल हैं।
प्राइवेट लाइफ की झलक
कुमार सानू ने 1980 में शादी की थी और उनके तीन बच्चे हैं। बाद में उनका तलाक हुआ। इसके बाद उन्होंने सलोनी से दूसरी शादी की, जिनसे उन्हें दो बेटियां हैं। परिवार और संगीत के बीच संतुलन बनाते हुए कुमार सानू ने आज तक अपने प्रशंसकों के दिलों में खास जगह बनाए रखी है।
निजी जिंदगी चर्चां का विषय
कुमार सानू की निजी जिंदगी की बात करें तो ये भी चर्चां का विषय बनी जिसमें अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने खुलासा किया था कि, उनका 1990 के दशक में कुमार सानू के साथ अफेयर था। कुनिका ने बताया कि, जब उनके और सानू के रिश्ते के बारे में कुमार सानू की तत्कालीन पत्नी रीता भट्टाचार्य को जब पता चला था तो, रीता ने मेरी कार पर हॉकी स्टिक से हमला किया और मेरे घर के बाहर चिल्लाईं। वे अपने बच्चों के लिए पैसे चाहती थीं, जो गलत नहीं था। कुनिका सदानंद ने यह भी कहा कि वह सानू की पत्नी जैसी थीं और उनका रिश्ता बहुत टॉक्सिक था। जो आखिरकार टूट गया।
वहीं कुमार सानू की पहली पत्नी रीटा भट्टाचार्य ने भी कई गंभीर आरोप लगाए जिसमें, उन्होंने दावा किया कि, तलाक के दौरान उन्हें धमकाया गया और उनके पिता की मृत्यु के लिए सानू जिम्मेदार हैं। रीटा ने यह भी कहा कि सानू ने उनके भाई को जेल भेजवाया और उनके जीवन को बर्बाद कर दिया। रीटा ने यह भी आरोप लगाया कि सानू के परिवार में शादियों और अफेयर्स का चलन आम था। उन्होंने कहा कि सानू के पिता ने बुढ़ापे में शादी की थी और उनके सभी भाई-बहनों का वैवाहिक जीवन असामान्य था। रीटा ने यह भी कहा कि उनकी ननद का कुमार सानू के साथ भी गलत रिश्ता था।
एक खास तथ्य
कुमार सानू ने 1994 में रिकॉर्डिंग करते समय एक दिन में 28 गाने गाकर रिकॉर्डिंग वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था, जो आज भी कई गायक के लिए प्रेरणा है।कुमार सानू की आवाज़ आज भी उतनी ही मधुर और प्यार से भरपूर है जितनी पहले थी। उनकी संगीत यात्रा ने हिंदी सिनेमा के संगीत को एक नया आयाम दिया है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी।




