कहावत है कि जैसा खाये अन्न, वैसा बने मन। यहां मन का अभिप्राय सम्पूर्ण स्वास्थ्य से है। इसलिए एक व्यक्ति को क्या खाना चाहिए, कितना खाना चाहिए, कब खाना चाहिए, जरूर जानना चाहिए। क्योंकि स्वास्थ्य ही धन है। जब हमलोग स्वस्थ रहेंगे, तभी अपनी समस्त जिम्मेदारियों का सम्यक निर्वहन कर क्लिक »-www.prabhasakshi.com




