नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । टीवी की मशहूर ‘गोपी बहू’ अब सिर्फ परदे की नहीं, असल जिंदगी की भी दुल्हन बन गई हैं। ‘साथ निभाना साथिया’ से हर घर में अपनी मासूमियत और सादगी से जगह बनाने वाली जिया मानेक ने शादी रचा ली है। जी हाँ, आपने सही पढ़ा,उन्होंने अभिनेता वरुण जैन संग सात फेरे लेकर अपने नए जीवन की शुरुआत कर दी है। बड़ी बात यह है कि यह शादी बेहद गोपनीय रही। 21 अगस्त 2025 को जिया ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर तस्वीरें साझा कर फैंस को चौंका दिया। सबसे बड़ी बात ये है कि, ये शादी भूत शुद्धि विवाह तरीके से की है।
आध्यात्मिक पद्धति से जुड़ा यह विवाह
बताया जा रहा है कि, जिया और वरुण ने योगिक परंपरा पर आधारित ‘भूत शुद्धि विवाह’ किया है। यह अनूठी विवाह पद्धति पांच मूल तत्वों, पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश की शुद्धि पर आधारित होती है, जो विवाह को एक आध्यात्मिक बंधन के रूप में स्वीकार करती है। यह विवाह देवी लिंग भैरवी के मार्गदर्शन में सम्पन्न होता है और सांसारिक आडंबरों से दूर रहता है।
सिंपल लेकिन सजीला ब्राइडल लुक
इस शादी के खास मौके पर जिया मानेक ने सुनहरे बॉर्डर वाली हल्की गोल्डन साड़ी पहन रखी थी। बालों में खूबसूरत गजरा, मांगटीका, रानी हार, कमरबंद और झुमकों ने उनके पारंपरिक लुक को खास बना दिया। लाल और सुनहरे रंग की चूड़ियों से सजे उनके मेहंदी लगे हाथ उनकी खुशी बयां कर रहे थे।वहीं दूल्हे वरुण जैन पीले रंग के कुर्ता-पायजामे में बेहद आकर्षक लग रहे थे। तस्वीरों में वह जिया का हाथ थामे नजर आए, जो इस रिश्ते की मिठास को दिखां रहा है।
दोस्त से जीवनसाथी बने इंस्टाग्राम पोस्ट में जिया ने लिखा, “With the grace of Divine and Master’s… We were two friends, today we’re husband & wife…यानि दो दोस्तों ने अब जीवनभर साथ निभाने का निर्णय लिया है। पोस्ट में उन्होंने अपने इस खास दिन के लिए सभी शुभचिंतकों का आभार भी जताया। उन्होंने अपने कमेंट्स सेक्शन को बंद कर रखा था, जिससे यह दिन पूरी तरह उनके और वरुण के लिए समर्पित बना रहा।
निजी जिंदगी में बेहद निजी रहीं जिया
गौरतलब है कि जिया मानेक हमेशा से ही अपनी पर्सनल लाइफ को निजी रखना पसंद करती रही हैं। ऐसे में उनकी शादी की खबर ने उनके प्रशंसकों को न सिर्फ चौंकाया बल्कि खुशी से भर भी दिया। टीवी अभिनेता वरुण जैन, जिन्हें ‘दिया और बाती हम’ और ‘घूम है किसी के प्यार में’ जैसे धारावाहिकों में देखा गया है वे अब जिया के जीवनसाथी बन गए हैं।
भूत शुद्धि विवाह क्या है?
‘भूत’ का अर्थ होता है “तत्व” या “सर्जनात्मक तत्व” (Elements), न कि भूत-प्रेत।
‘शुद्धि’ का अर्थ है “शुद्ध करना” या “शुद्धि प्रक्रिया”।
तो ‘भूत शुद्धि’ का मतलब हुआ पंचमहाभूतों की शुद्धि।
जब दो आत्माएं इस पद्धति से विवाह करती हैं, तो वे अपने अस्तित्व के पांचों तत्वों को शुद्ध करके एक गहरे ऊर्जात्मक बंधन में बंधती हैं।
यह पद्धति कैसे की जाती है?
भूत शुद्धि विवाह मुख्यतः ईशा फाउंडेशन के योगिक मार्गदर्शन में किया जाता है, जिसे सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने प्रतिष्ठित किया है। यह विवाह सामान्य पंडित, मंत्रों, हल्दी, फेरे या सिंदूर आदि के बजाय एक ऊर्जात्मक योग प्रक्रिया होती है, जो अंदरूनी जागरूकता और आध्यात्मिक एकत्व पर केंद्रित होती है।
मुख्य प्रक्रिया:
पंचतत्वों की शुद्धि (Earth, Water, Fire, Air, Ether)
ऊर्जाओं का संतुलन और संलयन – जिससे दंपती के बीच मानसिक, भावनात्मक और आत्मिक समरसता बनी रहे।
देवी लिंग भैरवी की पूजा और ऊर्जा का आह्वान – देवी को साक्षी मानकर विवाह सम्पन्न होता है।
किसी प्रकार की सामाजिक प्रदर्शन या आडंबर नहीं होता। न डीजे, न वरमाला, न हल्दी–मेहंदी।
यह विवाह दो व्यक्तियों को ‘पति-पत्नी’ से ऊपर उठाकर एक ‘ऊर्जात्मक इकाई’ बना देता है।
इस विवाह के उद्देश्य
अहंकार का शमन शादी को “मैं” और “तुम” के बंधन से ऊपर ले जाना
पंचतत्वों के साथ सामंजस्य विवाह केवल दो व्यक्तियों के बीच नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ भी एक समझौता है
इस विवाह की विशेषताएं:
सादगी और शांति कोई तामझाम या सजावट नहीं, केवल मौन और ध्यान
अग्नि की जगह ऊर्जा का साक्ष्य विवाह अग्नि के इर्द-गिर्द नहीं, ऊर्जा साक्ष्य के साथ होता है
मंदिर या ऊर्जा स्थान पर होता है जैसे – ईशा योग केंद्र (कोयंबटूर), लिंग भैरवी देवी स्थल
स्थूल से सूक्ष्म संबंध की स्थापना भावनात्मक नहीं, ऊर्जात्मक गठबंधन
सद्गुरु या आध्यात्मिक गुरु की उपस्थिति जो मार्गदर्शन और आशीर्वाद देते हैं
भूत शुद्धि विवाह अभी भारत में कानूनी मान्यता प्राप्त विवाह प्रणाली नहीं है। इसे एक आध्यात्मिक और निजी प्रतिबद्धता के रूप में देखा जाता है। यदि दंपती को कानूनी मान्यता चाहिए होती है, तो वे कोर्ट मैरिज या रजिस्टर्ड मैरिज भी करते हैं।





