back to top
28.1 C
New Delhi
Monday, May 11, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

फरहान अख्तर की मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने BAFTA में जीता भारत के लिए पहला अवॉर्ड

फरहान अख्तर की मणिपुरी फिल्म बूंग ने BAFTA 2026 में बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म का अवॉर्ड जीतकर भारत के लिए इस साल का पहला अंतरराष्ट्रीय सम्मान दिलाया।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत के लिए 2026 का BAFTA अवॉर्ड समारोह बेहद खास रहा, जब मणिपुरी भाषा की फिल्म ‘बूंग’ ने बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म का अवॉर्ड जीतकर पूरे देश का नाम रोशन किया। यह इस साल भारत के लिए पहला BAFTA अवॉर्ड है।

वैश्विक मंच पर गौरव दिलाया।

फरहान अख्तर के प्रोडक्शन सपोर्ट में बनी यह इमोशनल ड्रामा फिल्म ने आर्को, लिलो एंड स्टिच और ज़ूट्रोपोलिस 2 जैसी अंतरराष्ट्रीय नॉमिनीज़ को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की। इस जीत ने न केवल भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई, बल्कि विशेषकर नॉर्थईस्ट की फिल्मों को वैश्विक मंच पर गौरव दिलाया।फरहान अख्तर अपनी पत्नी शिबानी दांडेकर के साथ इस सेरेमनी में शामिल हुए, जो इस पल को और भी यादगार बना गया।

‘बूंग’ की कहानी: छोटा लड़का, बड़ी उम्मीदें

‘बूंग’ लक्ष्मीप्रिया देवी के निर्देशन में बनी है। फिल्म एक ऐसे लड़के की कहानी है, जो मणिपुर के सामाजिक और राजनीतिक तनाव के बीच अपने परिवार को फिर से जोड़ना चाहता है।

मुख्य किरदार: बूंग (गुगुन किपगेन)

मां का रोल: मंदाकिनी (बाला हिजाम)

सबसे अच्छा दोस्त: राजू (अंगोम सनामातुम)

कहानी में बूंग का मानना है कि अपने खोए हुए पिता को घर लाने से उसकी मां फिर से खुश हो जाएंगी। अपने दोस्त राजू की मदद से बूंग बॉर्डर वाले शहर मोरेह जाता है और अपने पिता की तलाश में म्यांमार भी जाता है। फिल्म में पारिवारिक भावनाओं, दोस्ती और सामाजिक संघर्ष को बड़े संवेदनशील और रीयलिस्टिक अंदाज में दिखाया गया है।

फिल्म का नाम मणिपुरी में छोटा लड़का के अर्थ में है, और यह लड़के की मासूमियत, साहस और परिवार के प्रति उसके समर्पण को दर्शाता है।

नॉर्थईस्ट सिनेमा की अंतरराष्ट्रीय पहचान

‘बूंग’ की जीत भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का पल है, खासकर नॉर्थईस्ट की फिल्मों के लिए। यह साबित करता है कि भारत के छोटे इलाकों की सीधी-सादी, सच्ची कहानियां भी दुनिया भर के दर्शकों से गहराई से जुड़ सकती हैं।

फरहान अख्तर के प्रोडक्शन सपोर्ट और लक्ष्मीप्रिया देवी के निर्देशन ने फिल्म को एक वैश्विक पहचान दिलाई। इससे नॉर्थईस्ट सिनेमा को नई दिशा और अवसर मिलेंगे।

यह जीत भारतीय सिनेमा के लिए ऐतिहासिक पल है।

‘बूंग’ की यह जीत भारतीय सिनेमा के लिए ऐतिहासिक पल है। यह दिखाता है कि भावनात्मक, संवेदनशील और सच्ची कहानियां सीमाओं को पार कर सकती हैं। फरहान अख्तर और लक्ष्मीप्रिया देवी की मेहनत ने मणिपुरी सिनेमा को वैश्विक मंच पर मान्यता दिलाई और भारत के छोटे राज्यों की फिल्म इंडस्ट्री के लिए उम्मीद की किरण जगाई। इस जीत से यह संदेश भी जाता है कि छोटे बजट और छोटे क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर सकती हैं, बशर्ते कहानी और प्रस्तुति दमदार हो।

Advertisementspot_img

Also Read:

रणवीर के Don 3 से बाहर होने के बाद फरहान अख्तर फिल्म Jee Le Zaraa करेंगे शुरू, जानिए पूरी जानकारी

नई दि‍ल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट डॉन 3 में रणवीर सिंह के अचानक बाहर होने के बाद फरहान अख्तर ने अपनी पूरी ऊर्जा...
Advertisementspot_img
spot_img

Latest Stories

Fitness Supplement बन सकते हैं लिवर के दुश्मन, ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आजकल फिटनेस और बॉडी बनाने के...

Android यूजर्स के लिए सरकार की हाई-रिस्क चेतावनी, तुरंत करें ये काम वरना हो सकता है बड़ा नुकसान

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अगर आप Android स्मार्टफोन इस्तेमाल करते...

New Labour Code: देश में लागू हुए 4 नए लेबर कोड, सैलरी-PF से लेकर नौकरी तक बदल जाएंगे कई नियम

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। केंद्र सरकार ने चारों नए लेबर...

RCB vs MI: चिन्नास्वामी में होगा रनों की बरसात का खेल, जानिए किस टीम का पलड़ा भारी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। IPL 2026 का 54वां मुकाबला Royal...

महिलाओं के लिए बड़ी सुविधा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न की शिकायत अब ऑनलाइन करें

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में...

IRCTC पर जरा सी गलती पड़ सकती है भारी, AI सिस्टम तुरंत ब्लॉक कर देगा अकाउंट

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। IRCTC ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्टम...

CSK vs LSG: चेपॉक में स्पिन का होगा खेल, जानिए किस टीम का पलड़ा भारी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। IPL 2026 का 53वां मुकाबला Chennai...

Pin Code Search

⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵