नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पंजाब में बीते कुछ दिनों से आफत की बारिश ने जो तबाही मचाई है, उसने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। करीब चार दशक बाद आई इस भयावह बाढ़ ने राज्य के 12 जिलों के 1,600 से ज़्यादा गांवों को डुबो दिया है। रावी, ब्यास और सतलुज जैसी बड़ी नदियां उफान पर हैं और अब तक 29 लोगों की जान जा चुकी है। इस संकट की घड़ी में जब हर किसी की नज़र सरकार और प्रशासन पर टिकी थी, तब बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा एक मसीहा की तरह सामने आए।
ज़मीन पर उतरे रणदीप, गुरदासपुर में बाँटी राहत
रणदीप हुड्डा ने फिल्मी दुनिया की चकाचौंध छोड़ सीधे पंजाब की धरती पर कदम रखा। वे गुरदासपुर ज़िले के बाढ़ प्रभावित गांवों में ग्लोबल सिख्स नामक स्वयंसेवी संस्था के साथ मिलकर ज़रूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुँचा रहे हैं। उनके साथ संस्था के संस्थापक अमरप्रीत सिंह और साथी मनिंदर सिंह भी ज़मीनी स्तर पर जुटे हैं।
रणदीप न केवल राहत किट बाँट रहे हैं, बल्कि पीड़ितों से मिलकर उनका हाल-चाल भी ले रहे हैं। उनके इस जमीनी योगदान की सोशल मीडिया पर भी जमकर तारीफ हो रही है।जहां ज़रूरत है, वहाँ खड़े होना ही असली इंसानियत है, रणदीप ने कहा।
फिल्मी सितारों ने दिखाई एकजुटता
रणदीप ही नहीं, पूरी फिल्म इंडस्ट्री इस मुश्किल घड़ी में पंजाब के साथ खड़ी नजर आई। वहीं शाहरुख खान, संजय दत्त, करीना कपूर, विक्की कौशल, आलिया भट्ट, भूमि पेडनेकर जैसे सितारों ने सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों से मदद की अपील की है। सोनू सूद ने हेल्पलाइन शुरू की, तो वहीं दिलजीत दोसांझ ने दस गांवों को गोद लिया।एमी विर्क ने 200 घरों के निर्माण का बीड़ा उठाया।सोनम बाजवा, गिप्पी ग्रेवाल, करण औजला और सतिंदर सरताज भी राहत कार्यों में सक्रिय हैं।
रणदीप ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट रीशेयर की, जिसमें लिखा था
पंजाब बाढ़ राहत 2025 अपनी भावना के अनुरूप, @randeephooda एक बार फिर पंजाब के लिए खड़े हुए हैं। वह ग्लोबल सिख्स के साथ ग्राउंड जीरो पर हैं और हमारे चल रहे बाढ़ राहत प्रयासों में अपना सहयोग दे रहे हैं। हम साथ मिलकर, जहां सबसे ज़्यादा ज़रूरत है, वहां आशा और मदद पहुंचाते रहेंगे।
पंजाब में बाढ़ ने कई गाँवों को डुबो दिया है, लेकिन रणदीप जैसे हस्तियों की मौजूदगी ने न केवल पीड़ितों में हौसला भरा है, बल्कि राहत कार्यों को भी गति दी है।
हालात अब भी गंभीर
गुरदासपुर के 324 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। स्थानीय प्रशासन और सेना की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। कई इलाकों में नावों के सहारे ही लोगों तक पहुंचा जा रहा है।
आप भी बढ़ा सकते हैं मदद का हाथ
यदि आप इस प्रयास का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो ग्लोबल सिख्स जैसी संस्थाओं से संपर्क कर सकते हैं या विश्वसनीय दान प्लेटफॉर्म के ज़रिए सहयोग कर सकते हैं।बाढ़ आई है, लेकिन इंसानियत अब भी ज़िंदा है रणदीप हुड्डा और उनके जैसे सैकड़ों लोग इसका प्रमाण हैं।




