नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। हिंदी फिल्मों के मशहूर विलेन और कॉमेडियन, शक्ति कपूर एक ऐसे एक्टर हैं, जो हर तरह के किरदार को निभाने में माहिर हैं। जहां एक तरफ उनके नेगेटिव रोल्स ने उन्हें पहचान दिलाई, वहीं दूसरी तरफ उनकी कॉमेडी ने भी दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। आज शक्ति कपूर अपना 72वां जन्मदिन मना रहे हैं। फिल्मों में उनके आने की कहानी भी बहुत दिलचस्प है। उनका असली नाम सुनील सिकंदरलाल था और ये नाम बदलने की कहानी भी उतनी ही रोचक है जितना की उनका फिल्मों में आना रोचक है।
एक कार टक्कर से बदल गई किस्मत
शक्ति कपूर का जन्म दिल्ली के एक पंजाबी परिवार में हुआ था। एक इंटरव्यू में शक्ति कपूर ने बताया था कि एक बार जब वो कार चला रहे थे, तो उनकी कार की टक्कर एक मर्सिडीज से हो गई। गुस्से में उन्होंने मर्सिडीज वाले से झगड़ना शुरू कर दिया। लेकिन जब उन्होंने देखा कि मर्सिडीज में मशहूर अभिनेता फिरोज खान बैठे हैं, तो उन्होंने उनसे काम मांगना शुरू कर दिया। उन्होंने फिरोज खान से कहा, “सर, मैंने एक्टिंग में डिप्लोमा किया है, मुझे काम दीजिए।” फिरोज खान ने उनकी बात सुनी और उन्हें अपनी फिल्म ‘कुर्बानी’ में विलेन का रोल दे दिया।
नाम बदलने के पिछे का राज
उनका नाम बदलने की कहानी भी मजेदार है। उस समय अभिनेता सुनील दत्त अपने बेटे संजय दत्त के लिए फिल्म ‘रॉकी’ बना रहे थे और उन्हें फिल्म के लिए एक विलेन की जरूरत थी। सुनील दत्त की नजर सुनील सिकंदरलाल पर पड़ी और उन्होंने उन्हें ये रोल ऑफर कर दिया। लेकिन सुनील दत्त को उनका नाम पसंद नहीं आ रहा था, इसलिए उन्होंने उनका नाम बदलकर ‘शक्ति कपूर’ रख दिया।
विलेन के रोल से थककर किया कॉमेडी
फिल्म ‘कुर्बानी’ और ‘रॉकी’ के बाद शक्ति कपूर को एक दमदार विलेन के तौर पर पहचाना जाने लगा। उन्होंने ‘हिम्मतवाला’ और ‘हीरो’ जैसी कई फिल्मों में नेगेटिव रोल किए। लेकिन विलेन के रोल करते-करते शक्ति कपूर थक गए थे, इसलिए उन्होंने अपनी छवि बदलने का फैसला किया और गोविंदा के साथ कई कॉमेडी फिल्मों में काम किया। ‘राजा बाबू’, ‘बाप नंबरी बेटा दस नंबरी’ जैसी फिल्मों में अपनी कॉमेडी से उन्होंने साबित कर दिया कि वे एक अच्छे अभिनेता हैं।





