नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। कंगना रनौत इन दिनों अपनी फिल्म ‘इमरजेंसी’ के प्रमोशन में बिज़ी हैं। फिल्म रिलीज से कुछ ही दिन दूर है और ऐसे में इसके बैन की मांग भी तेज हो गई है। फिल्म का ट्रेलर रिलीज होते ही पंजाब में इसका विरोध होने लगा और सिख काउंसिल ने कंगना की फिल्म को बैन करने की मांग की। वहीं, अब खबर है कि तेलंगाना से भी इस फिल्म को बैन किया जा सकता है।
पहले पंजाब में उठी ‘इमरजेंसी’ को बैन करने की मांग
कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ को एक्ट्रेस ने ही डायरेक्ट व प्रोड्यूस किया है। इस फिल्म में एक्ट्रेस इंदिरा गांधी के किरदार में नजर आने वालीं हैं। इसके साथ ही 1975 में लागू हुई इमरजेंसी को ये फिल्म दर्शाती है। फिल्म का ट्रेलर 14 अगस्त को रिलीज हुआ था और फिल्म 6 सितंबर को रिलीज होने जा रही है। लेकिन सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार ऑस्ट्रेलिया स्थित एक सिख काउंसिल ने ‘इमरजेंसी’ फिल्म की रिलीज पर बैन की मांग की है। काउंसिल का मानना है कि फिल्म में ऐतिहासिक घटनाओं को गलत तरीके से दिखाया गया है, जो सिख शहीदों की इज्जत पर दाग जैसी साबित हो सकती है। इसके बाद पंजाब में इस फिल्म को लेकर विरोध होने लगा।
तेलांगना में फिल्म ‘इमरजेंसी’ पर बवाल
पंजाब में चल रहे फिल्म पर बैन के बाद अब फिल्म से जुड़ी खबर तेलंगाना से आ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार पूर्व आईपीएस ऑफिसर तेजदीप कौर के नेतृत्व में, तेलंगाना सिख सोसाइटी के एक 18 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने सचिवालय में सरकारी सलाहकार मोहम्मद अली शब्बीर से मुलाकात की और फिल्म ‘इमरजेंसी’ पर बैन लगाने की मांग की। प्रतिनिधि मंडल ने अपना एक रिप्रेजेंटेशन सबमिट करते हुए सिख समुदाय पर अपनी चिंता जताई और ‘इमरजेंसी’ की स्क्रीनिंग पर बैन लगाने की मांग की।
सिखों ने क्यों किया फिल्म बैन की मांग
सिख संगठन ने ये आरोप लगया हैं कि, फिल्म ‘इमरजेंसी’ में सिखों को तंकवादी और एंटी-नेशनल’ दिखाया गया जोकि काफी गलत दर्शाता है। इस प्रकार की फिल्म सिख संगठन की भावनाओ को ठेस पहुंचती है। वहीं एक रिपोर्ट के अनुसार पता चला कि ए. रेवंत रेड्डी ने सिख समुदाय के नेताओं को आश्वासन दिया। और कहा कि राज्य सरकार कानूनी सलाह ले रही है और फिल्म ‘इमरजेंसी’ पर बैन लगने के बारे में विचार बना रही।





