नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। अजय देवगन की फिल्म‘भोला’ आज बड़े पर्दे पर रिलीज हो गई है। सिनेमाघर में आते ही ‘भोला’ ने धूम मचा दिया है, अजय देवगन और तब्बू ने एक बार फिर अपनी दमदार एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीत लिया है। फिल्म ‘भोला’ लोकेश कनगराज की सुपरहिट फिल्म ‘कैथी’ का हिंदी रीमेक है। इस फिल्म का निर्देशन खुद अजय देवगन ने किया है। भोला में कहानी की पृष्ठभूमि बदलने के साथ उन्होंने आमूल-चूल बदलाव भी किए हैं।
क्या है भोला की कहानी?
फिल्म ‘भोला’ का सार वही है जो फिल्म ‘कैथी’ का है। कहानी की शुरुआत इस दृश्य से होती है कि कोकीन से लदे ट्रक को पकड़ने के लिए एसपी डायना (तब्बू) अपने साथियों के साथ उसका पीछा कर रही है। ट्रक को पकड़ने में सफल रहते हैं। कोकीन की कीमत एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है। इस आपरेशन के दौरान डायना के कंधे में गोली लग जाती है। कोकीन के जखीरे के साथ वह सात लोगों को गिरफ्तार करती है। इस मिशन को डायना समेत पांच पुलिसकर्मी अंजाम देते हैं।
इस प्रकार बुनी गई कहानी
इधर, जेल में दस साल की सजा काटकर भोला अनाथालय में पल रही अपनी बेटी से मिलने लखनऊ जा रहा है। उधर खतरे को भांप कर थाने में मौजूद पुलिसकर्मी भाग खड़े होते हैं। उसी दौरान ट्रांसफर होकर आया कांस्टेबल अंगद यादव (संजय मिश्रा) वहां होता है। उसके साथ वहां पर पहले से मौजूद एक लड़की समेत चार छात्र होते हैं। डायना की लोकेशन ट्रक में मौजूद पुलिसकर्मी दीप सिंह (लोकेश मित्तल) ही ड्रग माफिया को दे रहा है।लालगंज तक पहुंचने में डायना और भोला को किस प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है ? क्या माफिया कोकीन के जखीरे को हासिल कर पाएंगे? कहानी इस संबंध में है।
कैसा है भोला का स्क्रीनप्ले और एक्शन?
फिल्म की कहानी एक रात की है। उसमें एक्शन की भरमार है। वीएफएक्स का भी काफी जबरदस्त इस्तेमाल हुआ है। इंटरवल के पहले भोला, डायना, करछी और माफिया गैंग के साथ आपसी मुठभेड़ को लेकर हैरतअंगेज एक्शन सीन हैं। मूल फिल्म की तरह एक्शन सीन की परिस्थितियां एक समान रखी गई हैं, लेकिन दृश्यों को दिखाने में बदलाव किया गया है।
क्या है फिल्म का क्लाइमैक्स
फिल्म ‘भोला’ के क्लाइमैक्स में बाप-बेटी के मिलन के दृश्य में इमोशन की कमी नजर आती है। एक हाथ में स्लिंग बंधी होने की वजह से कहीं-कहीं एक्शन करते हुए तब्बू दिल जीत लेती हैं। भावनात्मक दृश्यों में वह भावुक कर जाती हैं। इसमें डायना के बच्चे को कोख में मारने का जिक्र है, जबकि मूल फिल्म में पुलिसकर्मी की बेटी है।
कैसी है किस की एक्टिंग
अजय देवगन और तब्बू की एक्टिंग हमेशा की तरह ही जबरदस्त है। अजय की पत्नी की भूमिका में अमला पॉल अतिथि भूमिका में हैं, उन्होंनेे भी अपना शत प्रतिशत दिया है। भ्रष्ट अधिकारी की भूमिका में गजराज राव ने अपने किरदार साथ न्याय किया है। सिनेमैटोग्राफर असीम बजाज ने हर फ्रेम पर बारीकी से काम किया है। विशेषकर बनारस में आरती का सीन याद रह जाता है।





