नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बॉलीवुड की चमक-धमक को देखकर अक्सर लगता है कि फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों की जिंदगी सिर्फ ग्लैमर और शोहरत से भरी होती है। लेकिन पर्दे के पीछे एक ऐसा सच छिपा होता है, जो संघर्ष, दर्द और हार-जीत की लंबी कहानी कहता है। ऐसी ही एक कहानी है 90 के दशक की उस एक्ट्रेस की, जिसने शाहरुख खान के साथ एक रोमांटिक म्यूजिकल फिल्म से बॉलीवुड में कदम रखा था। लेकिन एक भयानक सड़क हादसे ने सबकुछ बदल दिया। इस दुर्घटना ने उनके चेहरे और जिंदगी पर गहरा असर डाला, जिसके बाद उन्हें कई प्लास्टिक सर्जरी से गुजरना पड़ा। हालात इतने मुश्किल हो गए कि एक्टिंग से पूरी तरह दूरी बनानी पड़ी। इतना ही नहीं, उन्होंने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का भी सामना किया और उस पर जीत हासिल की। आज हम यहां आपको इस एक्ट्रेस की जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें बताएंगे।
चुनौतियों को मात देकर किया कमबैक
जिंदगी में आने वाली हर चुनौती को हार मानने से इनकार करने वाली इस अभिनेत्री का नाम है रितु चौधरी, जिन्हें हम सभी महिमा चौधरी के नाम से जानते हैं। 13 सितंबर 1973 को दार्जिलिंग में जन्मीं महिमा एक जाट पिता और नेपाली मां की संतान हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी और फिर सुभाष घई की फिल्म ‘परदेस’ (1997) से बॉलीवुड में डेब्यू किया, जिसमें वह सुपरस्टार शाहरुख खान के अपोजिट नजर आईं।
एक्सीडेंट में चेहरा बिगड़ा, फिर कैंसर से भी लड़ी
1999 में फिल्म ‘दिल क्या करे’ की शूटिंग के दौरान एक भयानक सड़क हादसे ने महिमा चौधरी की जिंदगी बदल दी। शूटिंग के लिए बेंगलुरु जाते वक्त उनकी कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। इस टक्कर से कार के कांच टूटे और उनके चेहरे पर बुरी तरह से घुस गए। ये हादसा इतना गंभीर था कि महिमा को चेहरे पर गहरी चोटें आईं।
एक इंटरव्यू में महिमा ने उस दर्दनाक हादसे को याद करते हुए कहा था “मुझे लगा मैं मर रही हूं। उस समय कोई मदद के लिए भी नहीं आया। जब बहुत देर बाद मेरी मां और अजय देवगन अस्पताल पहुंचे, तब जाकर मुझे कुछ राहत मिली।” उन्होंने आगे बताया कि जब उन्होंने पहली बार आईने में अपना चेहरा देखा, तो वे टूट गई थीं, क्योंकि उनका चेहरा पूरी तरह से बिगड़ चुका था। डॉक्टरों ने उनकी सर्जरी के दौरान चेहरे से 67 कांच के टुकड़े निकाले थे। इस हादसे से उबरने में उन्हें कई साल लग गए। लेकिन उनकी मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। साल 2023 में महिमा को ब्रेस्ट कैंसर का पता चला। हालांकि उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इलाज करवाया, साहस दिखाया और कुछ ही महीनों में कैंसर को मात दे दी। महिमा ने इस बीमारी को एक मानसिक लड़ाई बताया और कहा कि इस मुश्किल वक्त में उनकी बेटी उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा बनी।
सालों बाद की वापसी, छोटा था रोल लेकिन अभिनय ने दिल जीता
कई सालों तक हादसों और बीमारियों से जूझने के बाद महिमा चौधरी ने एक बार फिर बॉलीवुड में वापसी की। 2024 में रिलीज हुई कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ से उन्होंने सिल्वर स्क्रीन पर दोबारा कदम रखा। हालांकि फिल्म में उनका किरदार बड़ा नहीं था, लेकिन उनकी सशक्त अदाकारी ने दर्शकों और समीक्षकों का ध्यान खींचा। यह कमबैक महज एक रोल नहीं था, बल्कि उनके संघर्षों और हौसले की जीत का प्रतीक था।





