नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। गायिका अलका याग्निक (Alka Yagnik) ने बॉलीवुड में काफी ज्यादा राज किया है। उन्होंने एक से बढ़कर एक गाने गाकर दर्शकों के मन में अपने लिए खास जगह बना ली हैं। उनके गाने जिसे हर कोई हमेशा सुनना चाहता है उनकी सुरीली आवाज हमेशा दिलों को सुकून पहुंचती है। आज गायिका अपना जन्मदिन मना रही हैं, तो चलिए इस खास दिन पर उनके संघर्ष उनके करियर उनके गानों के बारे में कुछ खास बातें जानते हैं।
कम समय में शुरू किया सफर
अलका याग्निक ने 14 साल की उम्र में म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखा था। वे 90 के दौर की मेलोडी क्वीन थीं और अभी भी एक मशहूर गायिका हैं। अलका याग्निक ने 16 भाषाओं में 2000 के करीब गाने गाए हैं।
मां ने करियर में निभाया बड़ा रोल
आपको बता दें कि, गायिका के करियर के पीछे उनकी मां का ही हाथ है। उनकी मां शुभा की वजह से ही आज अलका याग्निक पूरी दुनिया में छाई हुई है। उनकी मां भी सिंगर थीं। उन्होंने अलका याग्निक को छोटी उम्र से संगीत की तालीम देनी शुरू कर दी थी।मां शुभा की तरह अलका को गीत-संगीत रास आने लगा। उन्होंने 4 साल की उम्र में गाना शुरू कर दिया था. अलका मां को अपना पहला गुरु मानती हैं।
आकाशवाणी में गया गाना
जब अलका याग्निक 6 साल की हुईं, तो कलकत्ता के आकाशवाणी में गाने लगीं।वो जब 10 साल की हो गईं, तो उनकी मां उन्हें मुंबई ले आईं, हालांकि अलका को परिपक्व होने तक इंतजार करने के लिए कहा गया, पर उनकी मां ने हार नहीं मानी और कोशिश करती रहीं।
रिपोर्ट के अनुसार, अलका की मां की कोशिश तब सफल हुई, जब उन्हें कोलकाता के एक डिस्ट्रिब्यूटर के जरिये राज कपूर से मुलाकात का मौका मिला।राज कपूर ने अलका की आवाज सुनी तो वे काफी प्रभावित हुए और उन्हें मशहूर संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के पास भेजा।
अलका याग्निक की मां ने लिया ऐसा फैसला
लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने अलका याग्निक की आवाज सुनने के बाद उनकी मां को दो विकल्प दिए। पहला, अलका तुरंत एक डबिंग आर्टिस्ट के तौर पर अपना करियर शुरू करें या फिर बाद में एक सिंगर के तौर पर काम करें।
गायिका की मां ने बेटी के लिए दूसरा विकल्प चुना। यही सही फेस लेने अलका याग्निक की किस्मत पलट दी और तब से लेकर अलका याग्निक ने लगातार एक से बढ़कर एक गाने बॉलीवुड को दिए हैं।




