नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । पड़ोसी देश नेपाल में कई शहरों में हिंसा भड़क गई है। यह स्थिति सोशल मीडिया पर सरकार के बैन लगाए जाने के बाद उत्पन्न हुई। हिंसा लगातार बढ़ रही है और नागरिकों में डर का माहौल है। वहीं, हिंसक विरोध में खबर लिखे जाने तक 20 लोग मारे जा चुके हैं। अब बॉलीवुड एक्ट्रेस मनीषा कोइराला का दर्द छलका है।
दरअसल, नेपाल की ओली सरकार द्वारा फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत कई प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाए जाने के बाद 18-28 साल के Gen-Z युवा सड़कों पर उतर आए। कई शहरों में आगजनी और तोड़फोड़ हुई। बॉलीवुड एक्ट्रेस मनीषा कोइराला ने इस पर इमोशनल पोस्ट शेयर किया।
मनीषा कोइराला का भावुक पोस्ट
बॉलीवुड एक्ट्रेस मनीषा कोइराला ने इंस्टाग्राम पर खून से लथपथ जूतों की तस्वीर शेयर की और नेपाल में जारी हिंसा पर तीखा संदेश दिया। उनके इस पोस्ट ने देश और विदेश में लोगों का ध्यान संकट की गंभीरता की ओर खींचा।
मनीषा कोइराला ने पोस्ट में क्या लिखा
बॉलीवुड एक्ट्रेस मनीषा कोइराला ने इंस्टाग्राम पर नेपाली भाषा में पोस्ट किया, लिखा- “आजको दिन नेपालका लागि कालो दिन हो।” उन्होंने कहा कि लोगों की आवाज, भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रोश और न्याय की मांग का जवाब गोलियों से दिया गया। उनके इन शब्दों ने देश और विदेश में सनसनी मचाई।
मनीषा कोइराला का नेपाल कनेक्शन?
बॉलीवुड एक्ट्रेस मनीषा कोइराला का जन्म 16 अगस्त 1970 को काठमांडू, नेपाल में हुआ। उनका परिवार राजनीतिक पृष्ठभूमि वाला है। दादा विशेश्वर प्रसाद नेपाल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं और पिता प्रकाश कैबिनेट मंत्री रह चुके। उनका अभिनय और सामाजिक चेतना दोनों में योगदान सराहनीय माना जाता है।
बता दे कि, मनीषा कोइराला ने 1989 में नेपाली फिल्म फेरी भेटौला से एक्टिंग की शुरुआत की। बॉलीवुड में उनका डेब्यू सुभाष घई की फिल्म सौदागर से हुआ। वह एक्टिंग के साथ-साथ नेपाली लड़कियों की तस्करी और वेश्यावृत्ति रोकने के सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं।
सरकार ने सोशल मीडिया पर क्यों लगाया बैन?
बता दे किनेपाल की ओली सरकार ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और ट्विटर (X) समेत कई प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगा दिया। सरकार का कहना है कि कंपनियों ने नेपाल में कंपनी लॉ के तहत रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। पीएम ओली इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और नियमन का मामला बता रहे हैं।
इस फैसले के बाद नेपाल के युवाओं ने सड़क पर उतरने का फैसला लिया, पहले विरोध प्रदर्शन शांति रुप चल रहा था, लेकिन अचानक युवाओं ने विरोध तेज कर दिया। जिसके बाद नेपाल के कई शहरों में हिंसा भड़क गई।
इस फैसले के बाद नेपाल के युवाओं ने सड़क पर उतरने का फैसला लिया, पहले विरोध प्रदर्शन शांति रुप चल रहा था, लेकिन अचानक युवाओं ने विरोध तेज कर दिया। जिसके बाद नेपाल के कई शहरों में हिंसा भड़क गई।





