नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अजय देवगन ने अपने 35 साल के करियर में न सिर्फ हीरो के रूप में बल्कि विलेन के किरदार में भी अपनी अद्भुत छाप छोड़ी है। 1991 में अपनी पहली फिल्म ‘फूल और कांटे’ से उन्होंने दर्शकों का दिल जीत लिया और फिर एक के बाद एक हिट फिल्में दीं। उनकी फिल्में एक्शन, रोमांस, कॉमेडी और थ्रिलर जैसी विभिन्न शैलियों में फैली हुई हैं। अजय देवगन ने दर्शकों को यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ हीरो ही नहीं बल्कि किसी भी किरदार में पूरी निष्ठा और काबिलियत के साथ उतर सकते हैं।
फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया था।
ऐसा ही एक यादगार उदाहरण उनकी 2004 में रिलीज़ हुई एक्शन फिल्म ‘खाकी’ है। इस फिल्म में अजय ने विलेन के किरदार को निभाया था। ‘खाकी’ में उनके साथ बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अक्षय कुमार, अमिताभ बच्चन, और ऐश्वर्या राय भी अहम रोल में नजर आए थे। फिल्म का निर्देशन मशहूर निर्देशक राजकुमार संतोषी ने किया था।
अजय के विलेन लुक में उनकी एक आंख पर पैच लगाया था
इस फिल्म का सबसे रोचक पहलू यह था कि अजय देवगन को कुछ सीन केवल एक आंख से शूट करने पड़े थे। निर्देशक राजकुमार संतोषी ने अजय के विलेन लुक में अलगपन लाने के लिए उनकी एक आंख पर पैच लगाया। कई सीन में उन्हें काला चश्मा भी पहनाया गया। इस वजह से अजय को शूटिंग के दौरान काफी परेशानी हुई, लेकिन उनके अभिनय ने विलेन किरदार को और भी प्रभावशाली बना दिया। मेकअप आर्टिस्ट हरीश ने एक इंटरव्यू में बताया कि अजय ने चुनौतीपूर्ण स्थिति में भी अपने किरदार की ऊर्जा और प्रभाव बनाए रखा।
‘खाकी’ में तुषार कपूर भी नजर आए थे।
‘खाकी’ में तुषार कपूर भी नजर आए थे। फिल्म को मेकर्स ने करीब 26 करोड़ रुपये के बजट में बनाया और यह दुनियाभर में लगभग 50 करोड़ रुपये का कलेक्शन करने में सफल रही। दर्शकों ने अजय के विलेन रोल और उनकी स्क्रीन प्रेज़ेंस की जमकर तारीफ की। फिल्म में उनका विलेन किरदार एक ऐसा उदाहरण बन गया कि दर्शकों को हीरो के अलावा निगेटिव किरदार में भी अजय का अभिनय याद रह गया।
प्रोफेशनलिज़्म और एक्टिंग स्किल का प्रमाण है।
अजय देवगन ने अपनी 35 साल की फिल्मी यात्रा में यह साबित किया कि चुनौती चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, एक समर्पित और मेहनती अभिनेता अपने किरदार में जान डाल सकता है। ‘खाकी’ में एक आंख से एक्टिंग करना, विलेन अवतार में धार लाना और सभी सीन में दर्शकों को प्रभावित करना, अजय की प्रोफेशनलिज़्म और एक्टिंग स्किल का प्रमाण है।
इस फिल्म ने उनके करियर को एक नई ऊँचाई दी
आज भी ‘खाकी’ को अजय देवगन की यादगार फिल्मों में से एक माना जाता है। इस फिल्म ने न केवल उनके करियर को एक नई ऊँचाई दी, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी उनका विलेन किरदार हमेशा जीवंत बना रहा।





