धमतरी, 31 मार्च ( हि. स.)। कंपोजिट बिल्डिंग की छत पर एक साथ पांच से अधिक मधुमक्खियों का छाता झूल रहा है। इसे देखकर आम लोगों के साथ अधिकारी-कर्मचारी भी अधिकांश समय दहशत में रहते हैं। दफ्तर आते जाते समय मधुमक्खियों के हमला करने की आशंका बनी रहती है। कंपोजिट बिल्डिंग में शिक्षा, क्रेडा, मत्स्य, उद्यानिकी, सहकारिता, आयुर्वेद, पशुपालन, स्टेट बैंक की शाखा, नगर निवेश, डाकघर समेत कई अन्य विभाग संचालित है। यहां हर रोज बड़ी संख्या में अधिकारी- कर्मचारियों के साथ शासकीय काम लेकर आम नागरिक पहुंचते हैं। इन विभागों के पहुंचने के मुख्य प्रवेश द्वार पर छत में एक साथ पांच से अधिक मधुमक्खियों की छाता झूल रहा है। इसे देखकर पलभर के लिए लोग दहशत में आ जाते हैं। पहली बार आने वाले लोग तो घबराते हुए प्रवेश करते हैं। वहीं अधिकारी कर्मचारी दफ्तर आने-जाने के समय मधुमक्खियों को देखकर डरते हुए नजर आते हैं क्योंकि मधुमक्खियों का झुंड यहां कई बार लोगों पर हमला कर चुका है। इससे कई लोग घायल भी हुए हैं। इस वजह से दहशत बना रहता है। कुछ लोग तो मधुमक्खियों को देखकर कंपोजिट बिल्डिंग के दोनों ओर स्थित दूसरे रास्तों का उपयोग करते हैं, ताकि हमला होने पर वे बच सकें। सुजीत कुमार बनपेला, गोपाल बनपेला, आकाश साहू ने कहा कि जिला प्रशासन को इस ओर ध्यान देते हुए जल्द से जल्द इन मधुमक्खियों के छातों को निकालने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि इससे यहां पर हमेशा खतरा बना हुआ है। कभी भी अप्रिय स्थिति बन सकती है। अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान कंपोजिट बिल्डिंग में बढ़ते मधुमक्खियों को हटाने के लिए विभाग के जवाबदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि कई बार यहां कार्यरत महिला-पुरुष कर्मचारियों ने मधुमक्खियों को हटाने की मांग कर चुके हैं। वही कलेक्ट्रेट जाने वाले गिरधर यादव, सेवक राम, टिकेश्वर साहू, तामेश्वर साहू, गिरजा बाई आदि ने मधुमक्खियों को हटाने की मांग जिला प्रशासन से की है, ताकि कोई अनहोनी न हो। इस संबंध में धमतरी रेंजर एमडी कनौजे ने बताया कि पहले उनके पास मधुमक्खी हटाने वाला कर्मचारी था। उनका ट्रांसफर होने के बाद मधुमक्खी हटाने वाला कोई नहीं हैं। वहीं जिला प्रशासन की ओर से मधुमक्खी हटाने के लिए कोई मांग भी नहीं आई है। हिन्दुस्थान समाचार / रोशन




